अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश के निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत जी ने बताया कि कोविड19 वायरस से उत्पन्न हुई इस विषय परिस्थिति में एम्स संस्थान पूर्ण रूप से सरकार के साथ एवं जनता के लिए समर्पित है

Spread the love

ऋषिकेश:- अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश के निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत जी ने बताया कि कोविड19 वायरस से उत्पन्न हुई इस विषय परिस्थिति में एम्स संस्थान पूर्ण रूप से सरकार के साथ एवं जनता के लिए समर्पित है। ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए एम्स ऋषिकेश में वेंटीलेटर्स की संख्या 65 से बढ़ाकर लगभग 200 करने का निश्चय किया गया है। निदेशक पद्मश्री प्रो. रवि कांत जी बताया कि एम्स को इस विस्तारीकरण हेतु कई एनेस्थीसिया के चिकित्सकों की आवश्यकता होगी। उन्होंने बताया कि हम एम्स संस्थान में कोरोना वायरस की टेस्टिंग की संख्या बढ़ाने के लिए भी कटिबद्ध हैं। निदेशक प्रो. रवि कांत जी ने बताया कि वर्तमान में एम्स में प्रतिदिन कोरोना आशंकित मरीजों के 30 नमूने सैंपल की सुविधा दे पा रहे हैं। इसे जल्द ही न्यूनतम100 नमूने एकत्रित करने का प्रयास है। इसके लिए एम्स ऋषिकेश को माइक्रो बायोलॉजी के चिकित्सकों की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि एम्स हरसंभव प्रयास कर रहा है कि इन तमाम विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति जल्द से जल्द की जाए। निदेशक एम्स पद्मश्री प्रो.रवि कांत जी ने बताया कि कुछ संविदा सीनियर रेजिडेंट्स चिकित्सकों का अन्य विभागों (पैथोलॉजी आदि) में कार्यकाल समाप्त हो रहा है, लिहाजा प्रयास यह है कि इन सीटों पर एनेस्थीसिया व माइक्रो बायोलॉजी के चिकित्सकों को नियुक्त किया जाए, जिससे कि संस्थान की ओर से जनता की बेहतर सेवा का योगदान सुनिश्चित किया जाए।

Leave a Reply

Your email address will not be published.