Crimeऋषिकेश

डिजिटल अरेस्ट के नाम पर बुजुर्ग दंपति से 69 लाख की साइबर ठगी, 60 दिन तक मानसिक प्रताड़ना

  • ईडी–सुप्रीम कोर्ट का डर दिखाकर बुजुर्ग दंपति से 69 लाख की ठगी
  • व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर ‘डिजिटल अरेस्ट’, 81 वर्षीय बुजुर्ग से 69 लाख हड़पे
  • साइबर ठगों की दरिंदगी: 60 दिन तक
  • डिजिटल कैद में रखकर 69 लाख की ठगी
  • आधार से 10 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग का झांसा देकर 69 लाख की साइबर ठगी

ऋषिकेश। गंगानगर क्षेत्र से डिजिटल अरेस्ट के नाम पर साइबर ठगी का एक सनसनीख़ेज़ मामला सामने आया है, जिसमें ठगों ने 81 वर्षीय बुजुर्ग दंपति को करीब 60 दिनों तक मानसिक रूप से प्रताड़ित कर 69 लाख रुपये की ठगी को अंजाम दिया।

प्रतीकात्मक फोटो: डिजिटल अरेस्ट के नाम पर साइबर ठगी का मामला

पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायत में गंगानगर गली नंबर-9 निवासी भगवत नारायण झा (81) एवं उनकी पत्नी कमल झा (74) ने बताया कि 17 नवंबर 2025 को उनके मोबाइल फोन पर एक कॉल आई।
कॉल करने वाले व्यक्ति ने स्वयं को प्रवर्तन निदेशालय, साइबर क्राइम सेल और सुप्रीम कोर्ट से जुड़ा अधिकारी बताते हुए कहा कि उनका आधार नंबर 10 करोड़ रुपये के अवैध लेन-देन से जुड़ा है। ठगों ने तत्काल गिरफ्तारी, संपत्ति जब्ती और लंबी कारावास की धमकी दी।
इसके बाद साइबर ठगों ने बुजुर्ग दंपति को व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर लगातार निगरानी में रखते हुए तथाकथित ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर लिया। इस दौरान उनके आवागमन, बातचीत और दैनिक गतिविधियों तक पर नियंत्रण रखा गया।
इतना ही नहीं, ठगों ने उनकी चार विवाहित बेटियों और उनके परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकियां भी दीं। भय और गहरे मानसिक दबाव में आकर दंपति ने अपनी एकमात्र भूमि बेचकर 40 लाख रुपये जुटाए और इसके अतिरिक्त 29 लाख रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए।
ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने पुलिस को शिकायत दी, जिसके आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है, साइबर ट्रेल खंगाले जा रहे हैं और आरोपियों की पहचान कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Uma Shankar Kukreti