काशीपुर में स्ट्रीट वेंडरों को दिया गया खाद्य सुरक्षा का प्रशिक्षण
काशीपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में चल रहे स्वच्छता सेवा पखवाड़ा के तहत शनिवार को नगर निगम सभागार में स्ट्रीट वेंडरों के लिए खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण में काशीपुर, जसपुर, बाजपुर, गदरपुर, महुआ खेड़ागंज और महुआडाबरा से आए करीब 240 वेंडरों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ नगर आयुक्त रविंद्र सिंह बिष्ट ने किया। प्रशिक्षण देने वालों में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के सहायक आयुक्त डॉ. प्रकाश चंद्र फुलारा, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी काशीपुर अपर्णा शाह, रुद्रपुर की खाद्य सुरक्षा अधिकारी आशा आर्य और सहायक नगर आयुक्त कमल मेहता शामिल रहे। इन अधिकारियों ने स्ट्रीट वेंडरों को खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों, सरकार की आत्मनिर्भर वेंडर योजना तथा स्वच्छता के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी।महासंघ ठेला फड़ एसोसिएशन के अध्यक्ष भारत परासर ने अधिकारियों को पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया। उन्होंने साथी वेंडरों से अपील की कि वे प्रशिक्षण में मिली सीख को अपनाकर ग्राहकों को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापरक भोजन परोसें।
कार्यक्रम में बताया गया कि सड़क किनारे भोजन करने का चलन तेजी से बढ़ रहा है, ऐसे में वेंडरों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि वे साफ-सुथरा और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराएं। घटिया सामग्री इस्तेमाल करने पर न सिर्फ ग्राहकों की जान पर बन सकती है बल्कि वेंडरों की साख और कारोबार भी प्रभावित होता है।इस मौके पर काशीपुर से 209, जसपुर से 5, महुआ डाबरा से 12 और गदरपुर व बाजपुर से 6-6 वेंडरों ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रजिस्ट्रेशन कराया।नगर निगम की ओर से सिटी मिशन मैनेजर मोहम्मद जफर, वसीम अहमद, गीता चंद्रा, रजनी देवी, कहकसा, तनवीर आलम सहित महासंघ ठेला फड़ एसोसिएशन के पदाधिकारी— अध्यक्ष भारत पराशर, उपाध्यक्ष पंडित मनोज कुमार, सचिव दिनेश कुमार, संगठन मंत्री विपिन कुमार, उपमंत्री आकाश तोमर, महामंत्री मोहम्मद दानिश और कोषाध्यक्ष दुष्यंत कुमार कार्यक्रम में मौजूद रहे। संचालन सफाई निरीक्षक मनोज बिष्ट ने किया।
प्रशिक्षण में दिए गए मुख्य संदेश
- ग्राहकों से व्यवहार में शालीनता रखें।
- खाद्य सामग्री को ढककर या जाली लगाकर बेचें।
- सिंथेटिक रंग और घटिया सामग्री का उपयोग न करें।
- खाना बनाने के दौरान सिर ढकें और हाथों में अंगूठी जैसी चीज़ें न पहनें।
- खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचते रहें ताकि ग्राहकों के स्वास्थ्य पर खतरा न आए।
