**सुभाषनगर, केदारनगर एवं विवेकानंद नगर का संयुक्त पथ संचलन सम्पन्न, सामाजिक उत्तरदायित्वों पर दिया गया विशेष बल**
देहरादून:- आज सुभाषनगर, केदारनगर एवं विवेकानंद नगर के स्वयंसेवकों द्वारा संयुक्त पथ संचलन का भव्य एवं अनुशासित आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों ने पूर्ण गणवेश में उत्साह, ऊर्जा और अनुशासन के साथ सहभागिता करते हुए समाज में संगठन के प्रति सकारात्मक संदेश प्रसारित किया।
पथ संचलन निर्धारित मार्गों से होते हुए क्षेत्र के विभिन्न प्रमुख स्थानों से गुजरा, जहां स्थानीय नागरिकों ने स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम ने क्षेत्र में सामाजिक जागरूकता और राष्ट्रभावना को सुदृढ़ करने का कार्य किया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में सह विभाग प्रचारक श्रीमान सौरभ जी उपस्थित रहे। उन्होंने अपने प्रेरक उद्बोधन में स्वयंसेवकों को समाज जीवन में सक्रिय, सजग एवं जिम्मेदार भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विशेष रूप से “3 P” — पानी, पर्यावरण और प्रदूषण — पर कार्य करने की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में ये विषय अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और प्रत्येक स्वयंसेवक को इन क्षेत्रों में जनजागरण के साथ-साथ व्यावहारिक प्रयास भी करने चाहिए।
उन्होंने जल संरक्षण, स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण तथा प्रदूषण नियंत्रण जैसे विषयों पर स्थानीय स्तर पर ठोस पहल करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे प्रयास भी मिलकर बड़े परिवर्तन का आधार बनते हैं।
अपने उद्बोधन में श्री सौरभ जी ने “पंच परिवर्तन” के महत्व को विस्तार से समझाया और स्वयंसेवकों से इन पांच प्रमुख आयामों पर निरंतर कार्य करने का आह्वान किया:
* **नागरिक कर्तव्य** – समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदार आचरण
* **कुटुंब प्रबोधन** – परिवार में संस्कार, संवाद और समरसता का वातावरण
* **स्वदेशी का प्रयोग** – स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देकर आत्मनिर्भरता का समर्थन
* **पर्यावरण का संरक्षण** – प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने के लिए सतत प्रयास
* **सामाजिक समरसता** – समाज में आपसी सद्भाव, समानता और एकता का विस्तार
उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक स्वयंसेवक इन विषयों को अपने जीवन में उतारकर समाज में कार्य करेगा, तो निश्चित ही व्यापक स्तर पर सकारात्मक परिवर्तन संभव होगा और राष्ट्र निर्माण को नई दिशा मिलेगी।
कार्यक्रम का समापन पूर्ण अनुशासन, उत्साह और राष्ट्रभक्ति के वातावरण में हुआ।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से उपस्थित रहने वालों में आनन्द रावत, उमादत्त सेमवाल, रवि देवानन्द, अनिल डोरा, विजय गुरानी, शंकर आनन्द, विष्णु, विजय आनन्द, खिलाफ गढिया,हरेंद्र कण्डारी, जगदीप राणा,अशोक सुन्दरियां जी सहित अनेक स्वयंसेवक बन्धु उपस्थित रहे।
