*कांवड़ मेला–2026: सेनानायक SDRF श्री अर्पण यदुवंशी ने किया कांवड़ मेला क्षेत्र में नियुक्त एस0डी0आर0एफ0 टीमो का निरीक्षण*
हरिद्वार : आज दिनांक 07 अगस्त 2026 को श्री अर्पण यदुवंशी, सेनानायक SDRF उत्तराखण्ड द्वारा कांवड़ मेला–2026 में विभिन्न स्थानों पर तैनात SDRF टीमों का स्थलीय निरीक्षण किया गया। उन्होंने ड्यूटी स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था, रेस्क्यू संसाधनों, संचार प्रणाली, चिकित्सा सहायता एवं आपदा प्रबंधन संबंधी तैयारियों का विस्तृत जायजा लिया तथा सभी टीमों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।

निरीक्षण के दौरान सेनानायक महोदय ने SDRF द्वारा आधुनिक तकनीकों के उपयोग की भी समीक्षा की। उन्होंने नभ नेत्र ड्रोन के माध्यम से मेला क्षेत्र, प्रमुख घाटों एवं संवेदनशील स्थलों की निरंतर हवाई निगरानी व्यवस्था का अवलोकन किया। ड्रोन के माध्यम से श्रद्धालुओं की भीड़, नदी तटों की गतिविधियों तथा संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों पर सतत निगरानी रखी जा रही है, जिससे किसी भी आपात स्थिति की समय रहते पहचान कर त्वरित रेस्क्यू एवं प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सके।

सेनानायक महोदय ने कहा कि कांवड़ मेला विश्व के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है, जहां लाखों श्रद्धालु प्रतिदिन पहुंच रहे हैं। ऐसे में प्रत्येक SDRF जवान का दायित्व केवल आपदा एवं दुर्घटनाओं के दौरान त्वरित रेस्क्यू तक सीमित नहीं है, बल्कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना, उन्हें आवश्यक सहायता प्रदान करना तथा मानवीय संवेदनाओं के साथ सेवा करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं जवानों को निर्देशित किया कि वे पूरी सतर्कता, अनुशासन एवं समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करें।

उन्होंने कांवड़ मेले में SDRF के उत्कृष्ट रेस्क्यू रिकॉर्ड का उल्लेख करते हुए बताया कि पिछले तीन वर्षों में 240 रेस्क्यू अभियानों के माध्यम से 500 से अधिक कांवड़ यात्रियों के जीवन की सफलतापूर्वक रक्षा की गई है। वहीं कांवड़ मेला–2026 के दौरान अब तक 24 रेस्क्यू अभियानों के माध्यम से लगभग 37 कांवड़ यात्रियों को सुरक्षित बचाया जा चुका है। उन्होंने कहा कि ये आंकड़े SDRF के जवानों की सतत सतर्कता, त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता एवं उच्च स्तरीय पेशेवर दक्षता के प्रमाण हैं।

निरीक्षण के दौरान सेनानायक महोदय ने अब तक विभिन्न घाटों एवं ड्यूटी स्थलों पर किए गए सफल रेस्क्यू कार्यों की सराहना करते हुए टीमों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि SDRF के जवानों द्वारा विपरीत परिस्थितियों में भी प्रदर्शित साहस, तत्परता एवं पेशेवर दक्षता संस्था की कार्यकुशलता और सेवा भावना का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने सभी टीमों को भविष्य में भी इसी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते रहने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर श्रद्धालुओं की सेवा एवं सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए SDRF द्वारा सेवा शिविर का भी आयोजन किया गया। शिविर में शिवभक्त कांवड़ यात्रियों को निःशुल्क फल, पेयजल तथा अन्य आवश्यक सामग्री वितरित की गई। सेनानायक महोदय ने स्वयं श्रद्धालुओं से संवाद कर उनकी कुशलक्षेम जानी। श्रद्धालुओं ने SDRF द्वारा प्रदान की जा रही सेवाओं एवं सहयोग की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि SDRF उत्तराखण्ड “सुरक्षा, सेवा एवं समर्पण” के अपने मूल मंत्र के अनुरूप कांवड़ मेला–2026 के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, त्वरित रेस्क्यू एवं जनसेवा के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। आधुनिक तकनीक, विशेषकर नभ नेत्र ड्रोन के माध्यम से निरंतर निगरानी, प्रशिक्षित रेस्क्यू टीमों की 24×7 तैनाती तथा त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली के कारण प्रत्येक संवेदनशील स्थल पर प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। सभी टीमें पूर्णतः अलर्ट मोड पर हैं तथा किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने हेतु पूरी तरह तैयार हैं। SDRF का उद्देश्य प्रत्येक श्रद्धालु की यात्रा को सुरक्षित, सुगम एवं सुखद बनाना है।
इस अवसर पर सहायक सेनानायक श्री सुशील रावत, निरीक्षक श्री कवीन्द्र सजवाण, उपनिरीक्षक श्री पंकज खरोला, श्री आशीष त्यागी, श्री योगेन्द्र भण्डारी सहित SDRF के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
