किशोर उपाध्याय का बयान, कांग्रेस से बागी होकर बीजेपी में गए 10 विधायकों की भी हो सीबीआई जांच

Spread the love
उत्तराखंड कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय का कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के साथ उन सभी 10 विधायकों की भी सीबीआई जांच होनी चाहिए, जो वर्ष 2016 में कांग्रेस सरकार गिराकर भाजपा में चले गए थे।

आरोप लगाया कि कांग्रेस की सरकार गिराने के लिए भाजपा ने करोड़ों का लेनदेन किया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को हतोत्साहित करने के लिए भाजपा हरीश रावत की जांच करा रही है। केंद्र सरकार सीबीआई और ईडी का दुरुपयोग कर रही है।

रविवार को हरिद्वार में सभा को संबोधित करते हुए वनाधिकार आंदोलन के पूर्व संयोजक किशोर उपाध्याय ने कहा कि नौ नवंबर को उत्तराखंड 19 साल का हो जाएगा, लेकिन इस अंतराल में कुछ नेताओं, अधिकारियों और लोगों की ही तरक्की हुई। लिहाजा वनवासी प्रदेश घोषित कर उत्तराखंड के लोगों को केंद्र की नौकरियों में आरक्षण दिया जाए।

दिल्ली की सरकार उत्तराखंड के पानी को फ्री में दे सकती है तो प्रदेश सरकार भी जनता को निशुल्क पानी दे। उन्होंने कहा कि ईंधन के सारे कार्य जंगल से पूरे होते थे। लिहाजा गैस सिलिंडर हर महीने निशुल्क मिलना चाहिए। जड़ी बूटियों के दोहन का अधिकार स्थानीय समुदाय को दिया जाना चाहिए।

जंगली जानवर किसी को घायल करता है मार देता है तो 25 लाख मुआवजा और सरकारी मिले। वन अधिकार अधिनियम 2006 को लागू किया जाए। उत्तराखंड को प्रतिवर्ष 10 हजार करोड़ ग्रीन बोनस दिया जाए।

उन्होंने तिलाड़ी कांड के शहीदों के सम्मान में 30 मई को वन अधिकार दिवस घोषित करने की भी मांग की। इस मौके पर डॉ. उमादत्त शर्मा, गुड्डू प्रजापति, संजीव लोचन, बालेश्वर सिंह, कैप्टन सुभाष उपाध्याय, वेदप्रकाश, संजय वर्मा, सुरेंद्र शर्मा, नाथूराम शर्मा, रतेंद्र तिवारी, अनुज सैनी, धर्मराज चौहान, राजेंद्र वर्मा, संजय कर्णवाल, केपी तोमर, मनोज सैनी, जगमेर सिंह, विशाल उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published.