पौड़ी

*पीसीपीएनडीटी अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला सलाहकार समिति की बैठक*

 

*अल्ट्रासाउंड व सीटी स्कैन केंद्रों की सतत निगरानी पर जोर*

पौड़ी/02 जनवरी 2026: dio
जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के निर्देशों के क्रम में पीसीपीएनडीटी अधिनियम, 1994 के अंतर्गत जिला सलाहकार समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य चिकित्साधिकारी एवं नोडल अधिकारी पीसीपीएनडीटी डॉ. शिव मोहन शुक्ला ने की।

बैठक में जनपद के पंजीकृत 32 अल्ट्रासाउंड व इमेजिंग केंद्रों की स्थिति की समीक्षा की गयी। जिला चिकित्सालय पौड़ी में रखी पुरानी सीटी स्कैन मशीन की तकनीकी जांच कर महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य को रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए। साथ ही एक रेडियोलॉजिस्ट द्वारा एक से अधिक मशीनों के संचालन वाले निजी केंद्रों की नियमित निगरानी का निर्णय लिया गया।

समिति द्वारा मधुर नर्सिंग होम श्रीनगर, द हंस फाउंडेशन हॉस्पिटल सतपुली, मां कामाख्या मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल कोटद्वार तथा किलकारी मैटरनिटी सेंटर कोटद्वार से जुड़े पंजीकरण एवं नवीनीकरण प्रस्तावों को नियमों के अनुरूप स्वीकृति दी गयी। साथ ही कन्या भ्रूण हत्या एवं लिंग चयन के विरुद्ध जन-जागरूकता हेतु ई-शपथ पोर्टल के नवीनीकरण के लिए ₹24,426 की धनराशि स्वीकृत की गयी।

बैठक में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी/कार्यक्रम अधिकारी पीसीपीएनडीटी डॉ. विनय कुमार त्यागी, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. हितेन जंगपांगी, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. निहारिका, जिला शासकीय अधिवक्ता प्रदीप भट्ट, जिला सूचना अधिकारी योगेश पोखरियाल एवं जिला समन्वयक पीसीपीएनडीटी आशीष रावत उपस्थित रहे।

 

*बीरोंखाल व सतपुली में मजबूत हुई अल्ट्रासाउंड व्यवस्था*

*ग्रामीण माताओं को मिला स्वास्थ्य संबल, अल्ट्रासाउंड सुविधा अब स्थानीय स्तर पर भी सुचारु*

*सूचना/पौड़ी/02 जनवरी 2026:*
जनपद के दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों, विशेषकर बीरोंखाल और सतपुली, में गर्भवती महिलाओं, बच्चों एवं बुजुर्गों को समय पर अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के निर्देशों पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा वैकल्पिक व्यवस्थाएं प्रभावी रूप से लागू कर दी गई हैं। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी जरूरतमंद को आवश्यक चिकित्सकीय जांच के लिए लंबी दूरी तय न करनी पड़े और सभी को अपने निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पर ही समय पर सुविधा उपलब्ध हो सके।

इस क्रम में पीसीपीएनडीटी एक्ट के अंतर्गत जिलाधिकारी द्वारा बीरोंखाल तथा सतपुली अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड मशीनों के संचालन की अनुमति प्रदान कर दी गयी है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बीरोंखाल में डॉ. अंकिता रावत को प्रत्येक शुक्रवार अल्ट्रासाउंड जांच संचालन की अनुमति प्रदान की गयी है, जबकि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सतपुली में राजकीय बेस चिकित्सालय कोटद्वार के डॉ. निशांत गर्ग प्रत्येक बुधवार अल्ट्रासाउंड सेवा उपलब्ध कराएंगे। इससे बीरोंखाल, सतपुली तथा आसपास के अनेक ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को अब जांच के लिए दूर के अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. शिव मोहन शुक्ला ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में यह सुनिश्चित किया गया है कि जहां कहीं भी रेडियोलॉजिस्ट उपलब्ध नहीं हैं, वहां योग्य चिकित्सकों के माध्यम से वैकल्पिक व्यवस्था की जाए, ताकि किसी भी महिला को जांच सुविधा से वंचित न रहना पड़े। उन्होंने बताया कि इसी क्रम में बीरोंखाल एवं सतपुली के लिए आवश्यक आदेश जारी कर दिए गए हैं।

इसके अतिरिक्त, जिला अस्पताल पौड़ी में तैनात रेडियोलॉजिस्ट डॉ. संजय त्यागी के 19 दिसंबर 2025 से 16 जनवरी 2026 तक उपार्जित अवकाश पर रहने की अवधि के दौरान स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों, इसके लिए मुख्य चिकित्साधिकारी को सप्ताह में एक दिन अल्ट्रासाउंड मशीन संचालन की अनुमति प्रदान की गयी है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने बताया कि सभी स्वास्थ्य इकाइयों को निर्देशित किया गया है कि प्रत्येक माह की 5 तारीख तक गर्भवती महिलाओं से संबंधित अद्यतन सूचनाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध करायी जाएं।

*सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पौड़ी गढ़वाल*

K. S. Aswal