भविष्य के लिए कौशल और उद्यमिता पर राष्ट्रीय सम्मेलन — उत्तराखंड में युवाओं को वैश्विक अवसरों के लिए तैयार कर रहा राज्य : सौरभ बहुगुणा
देहरादून, 08 नवम्बर 2025।
राज्य स्थापना की रजत जयंती वर्ष के अवसर पर उत्तराखंड शासन के कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग (DSDE) ने सेतु आयोग (Setu Aayog) के सहयोग से “भविष्य के लिए कौशल और उद्यमिता : 25 वर्षों का संकल्प” विषय पर एक राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन हयात सेंट्रिक, देहरादून में किया।

सम्मेलन में देशभर से वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, शिक्षाविद, नीति निर्माता और विकास सहयोगी शामिल हुए। विशेषज्ञों ने उत्तराखंड में कौशल विकास और उद्यमिता के क्षेत्र में हुई प्रगति पर चर्चा करते हुए आने वाले 25 वर्षों के लिए राज्य के नवाचार और विकास का रोडमैप तैयार करने पर विचार-विमर्श किया।
मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा – उत्तराखंड के युवा हमारी सबसे बड़ी ताकत
सम्मेलन का उद्घाटन कौशल विकास एवं सेवायोजन मंत्री श्री सौरभ बहुगुणा ने किया।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को एक कुशल, नवाचारी और वैश्विक प्रतिस्पर्धी कार्यबल के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा —
“उत्तराखंड के युवा हमारी सबसे बड़ी ताकत हैं। उद्योग प्रधान कौशल विकास, उद्यमिता और नवाचार के माध्यम से हम उन्हें न केवल भारत में बल्कि वैश्विक मंच पर भी अवसरों के लिए तैयार कर रहे हैं।”
मंत्री बहुगुणा ने बताया कि AI, रोबोटिक्स, हरित प्रौद्योगिकी, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग और वैश्विक वर्कफोर्स मोबिलिटी जैसे क्षेत्रों में युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए राज्य ने ठोस पहलें शुरू की हैं।
उन्होंने ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ और ‘डुअल सिस्टम ऑफ ट्रेनिंग’ जैसी योजनाओं का विशेष उल्लेख किया।
सेतु आयोग ने रखी भविष्य की रणनीति
सेतु आयोग के उपाध्यक्ष श्री राज शेखर जोशी ने कहा कि उत्तराखंड को कौशल विकास और सेवायोजन सृजन के लिए एक समग्र पारिस्थितिकी तंत्र की आवश्यकता है।
उन्होंने बताया कि सेतु आयोग राज्य के उद्योग और शिक्षा क्षेत्र के साथ मिलकर स्किल गैप स्टडी, नैनीताल में हॉस्पिटैलिटी एवं टूरिज्म स्किल सेंटर की स्थापना, तथा कृषि, पशुपालन, ईवी, एआई, स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन क्षेत्रों में अवसरों की पहचान पर कार्य कर रहा है।
पैनल चर्चाओं में उठे नवाचार और हरित अर्थव्यवस्था के मुद्दे
कार्यक्रम के दौरान चार उच्च स्तरीय पैनल चर्चाएँ आयोजित हुईं —
- फ्यूचर इंडस्ट्रीज
- ग्रीन इकॉनमी एंड सस्टेनेबिलिटी
- ग्लोबल वर्कफोर्स एंड मोबिलिटी
- कौशल विकास एवं उद्यमिता पर नीतिगत दृष्टिकोण
इन सत्रों में उद्योग, शिक्षा और शासन के विशेषज्ञों ने ग्रीन जॉब्स के एकीकरण, अंतरराष्ट्रीय रोजगार अवसरों और राज्य की दीर्घकालिक नीति सुधारों पर विचार साझा किए।
नवाचारों की झलक – नासकॉम, वाधवानी, टाटा स्ट्राइव जैसी संस्थाएँ हुईं शामिल
सम्मेलन में “लाइटनिंग टॉक्स” और “स्पेशल सत्रों” के दौरान कई नवाचारी पहलें प्रस्तुत की गईं।
इनमें नासकॉम फ्यूचर स्किल्स प्राइम, वाधवानी जीवन कौशल परियोजना, और डीएसटी मॉडल्स इन उत्तराखंड शामिल रहे।
श्री निखिल पंत, CEO, रीचा फाउंडेशन ने “स्किल गैप एनालिसिस इन उत्तराखंड” पर प्रस्तुति दी।
इसी क्रम में टाटा स्ट्राइव, आईएचसीएल और कुमाऊँ विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में अतिथि सत्कार कौशल विकास केंद्र की घोषणा की गई।
एनआईआईटी फाउंडेशन ने “साइबर सिक्योरिटी एवं एम्प्लॉयबिलिटी स्किल्स प्रोजेक्ट” का परिचय दिया।
श्री क्षितिज दोवल ने स्टार्टअप नवाचार पर और श्री प्रशात चौधरी ने कोडिंग फॉर फ्यूचर स्किल्स विषय पर विचार साझा किए।
राज्य के विजेता युवाओं का हुआ सम्मान
कार्यक्रम में भारत स्किल्स प्रतियोगिता में राष्ट्रीय स्तर पर विजेता रहे उत्तराखंड के प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने राज्य का गौरव बढ़ाया।
समापन और धन्यवाद ज्ञापन
सम्मेलन का संचालन अपर निदेशक श्री अनिल त्रिपाठी ने किया, जिन्होंने सभी अतिथियों, वक्ताओं और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
यह आयोजन सचिव श्री सी. रचि शंकर (आईएएस) और निदेशक श्री संजय कुमार के मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से संपन्न हुआ।
आयोजन में श्री लय भारद्वाज, श्रीमती श्वेता अविलाष बिष्ट, श्री मनमोहन कुंडियाल, श्रीमती स्मिता अग्रवाल, श्रीमती चंद्रकांता, और श्री आशीष नौटियाल सहित DSDE एवं सेतु आयोग की टीम का विशेष योगदान रहा।

