*देव भूमि उत्तराखंड यूनिवर्सिटी में नर्सिंग छात्रों का शपथ ग्रहण समारोह गरिमामय वातावरण में सम्पन्न*
नवप्रवेशित विद्यार्थियों ने लिया मानवता की सेवा का संकल्प, अतिथियों ने नर्सिंग को बताया करुणा और समर्पण का प्रतीक
देहरादून
देव भूमि उत्तराखंड यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ नर्सिंग में प्रथम वर्ष के नर्सिंग विद्यार्थियों का शपथ ग्रहण समारोह उत्साहपूर्ण और गरिमामय माहौल में सम्पन्न हुआ समारोह का शुभारंभ गणेश वंदना और स्वागत गीत से हुआ, जिसने पूरे वातावरण को भक्ति और ऊर्जा से भर दिया इसके पश्चात विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभी अतिथियों, शिक्षकों और छात्रों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम में नवप्रवेशित नर्सिंग छात्रों ने फ्लोरेंस नाइटिंगेल की परंपरा का पालन करते हुए नाइटिंगेल लैम्प प्रज्वलित किया और मानवता की सेवा, करुणा एवं समर्पण के साथ अपने पेशे के प्रति निष्ठा की शपथ ली।

विश्वविद्यालय के वाइस प्रेसिडेंट श्री अमन बंसल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नर्सिंग केवल एक पेशा नहीं, बल्कि यह मानवता की सेवा का सबसे श्रेष्ठ माध्यम है उन्होंने कहा कि नर्सिंग पेशे में संवेदनशीलता, सहानुभूति और करुणा ही असली शक्ति है।

वाइस चांसलर डॉ. अजय कुमार ने कहा कि नर्सिंग ऐसा क्षेत्र है, जो दूसरों के दुःख को कम करने और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का अवसर देता है उन्होंने विद्यार्थियों से निष्ठा, ईमानदारी और संवेदना के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का आह्वान किया।
स्कूल ऑफ नर्सिंग की डीन डॉ. मेविश खालिद ने कहा कि नर्सिंग एक निरंतर सीखने वाला क्षेत्र है जहाँ आत्मविकास और उत्कृष्टता के अवसर अपार हैं उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि ऐसे नर्स बनें जो सौ लोगों का जीवन बचा सके।
समारोह की मुख्य अतिथि, मैक्स हॉस्पिटल की नर्सिंग सुप्रिटेंडेंट डॉ. शालिनी बर्नाड ने नर्सिंग को मानवता की सच्ची सेवा का प्रतीक बताया उन्होंने कहा कि यह पेशा केवल रोगी की देखभाल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में आशा, संवेदना और करुणा का संचार करता है।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने नाइटिंगेल लैम्प जलाकर नर्सिंग शपथ ली और जीवनभर मानवता, सेवा एवं करुणा के मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षण स्टाफ, छात्र-छात्राएँ बड़ी संख्या में उपस्थित रहे कार्यक्रम का सफल संचालन नर्सिंग विभाग के फैकल्टी सदस्यों द्वारा किया गया तथा समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
