देहरादून

पंजाबी समाज की सरकार में भागीदारी की मांग*

 

*देहरादून, 11 सितंबर -* आज उत्तरांचल पंजाबी महासभा की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में कहा गया कि सरकार में पंजाबियों की भागीदारी न के बराबर है, जबकि उत्तराखंड में पंजाबियों की संख्या बहुत अधिक है और भागीदारी उस अनुपात में नहीं है।

अभी सरकार द्वारा जो घोषणा की गई है, उसमें केवल सरकार के द्वारा एक समिति का गठन किया गया जिसमें 260 व्यक्तियों में केवल दो पदों पर ही पंजाबियों को संतोष करना पड़ रहा है। केवल दो पंजाबियों को पद दिया गया और बाकी जातियों को कम संख्या में होते हुए भी 18-18 स्थान दिए गए हैं। हम इसकी कड़े शब्दों में निंदा करते हैं।

अभी रुद्रपुर में आयोजित सिख सम्मेलन में प्रदेश के कई ख्याति प्राप्त समाजसेवियों को किसी प्रकार का न्योता नहीं दिया गया।

हम सरकार से मांग करते हैं कि हमें सरकार और समितियों में हमारी संख्या के हिसाब से भागीदारी दी जाए, ताकि हम भी उत्तराखंड के निर्माण में अपना योगदान दे रहे हैं और आगे भी दे सकें। जबकि जब भी प्रदेश में कोई भी आपदा या मुसीबत आई है, पंजाबी समाज ने सबसे बढ़-चढ़कर अपने प्रदेश की सेवा की है और करता आ रहा है।

पंजाबी समाज उत्तराखंड में सबसे ज्यादा टैक्स देने वाला समाज है। प्रदेश में कोई भी कार्य हो, पंजाबी समाज सबसे आगे होकर सेवा करता है, परंतु फिर भी सरकार में हमारी भागीदारी न के बराबर रहती है।

हमारे अति सम्मानित, कर्मठ माननीय श्री पुष्कर सिंह धामी जी से हम निवेदन करते हैं कि प्रदेश में हमारा योगदान विशिष्ट होना चाहिए और पार्टी में हर स्थान पर हमारी सेवा और प्रदेश के प्रति हमारे योगदान को देखते हुए सरकार में भी हमारी भागीदारी अनिवार्य है। हम सरकार से यही अपील करते हैं।