Uttarakhandचमोली

बरसात से पहले सुरक्षा कवच मजबूत करने को लेकर तैयारियों की समीक्षा

के एस असवाल गौचर चमोली  :पुलों के सुरक्षा ऑडिट से लेकर नालों की सफाई तक, मानसून तैयारियों पर जिलाधिकारी का फोकस

मानसून अवधि के दौरान संभावित आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने तथा विभिन्न विभागों की तैयारियों की समीक्षा को लेकर जिलाधिकारी श्री गौरव कुमार की अध्यक्षता में जिला सभागार में बैठक आयोजित की गई।

बैठक में जिलाधिकारी ने सभी विभागों को मानसून पूर्व आवश्यक तैयारियां समयबद्ध रूप से पूर्ण करने तथा आपदा प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने जनपद के सभी वैली पुलों का मानसून पूर्व आकलन एवं पुलों का सुरक्षा ऑडिट कराने के निर्देश देते हुए कहा कि संभावित जोखिम वाले स्थलों की समय रहते पहचान कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने सभी सड़क निर्माण एवं अनुरक्षण एजेंसियों को आवश्यकता अनुसार जेसीबी मशीनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए टेंडर प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने तथा जेसीबी ऑपरेटरों की स्थानवार सूची तैयार रखने को कहा।

सिंचाई विभाग को मुख्य नदियों के साथ-साथ छोटी नदियों एवं गदेरों में सिल्टेशन प्रभावित क्षेत्रों का चिन्हीकरण कर नियमानुसार ड्रेजिंग एवं चैनलाइजेशन कार्य शीघ्र कराने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि बरसात के दौरान जल निकासी व्यवस्था सुचारु रहनी चाहिए तथा जल प्रवाह में किसी प्रकार की बाधा नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने समस्त सड़क एजेंसियों एवं नगर निकायों को नालों की नियमित सफाई, झाड़ियों के कटान तथा जलभराव की आशंका वाले क्षेत्रों में पूर्व तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही क्षतिग्रस्त सड़कों के समयबद्ध सुधारीकरण, मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में मशीनरी की उपलब्धता बनाए रखने तथा वैकल्पिक मार्गों का चिन्हीकरण कर आवश्यक सुधार कार्य पूर्ण करने को कहा।

जिलाधिकारी ने सभी अधिशासी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नाली सफाई, रैन बसेरों की स्वच्छता तथा सभी स्ट्रीट लाइटों को क्रियाशील रखने के निर्देश दिए।

इसके अतिरिक्त संवेदनशील एवं संभावित खतरे वाले क्षेत्रों का चिन्हीकरण कर जल प्रवाह में बाधा उत्पन्न करने वाली संरचनाओं एवं अन्य अवरोधों को नियमानुसार हटाने को कहा।

स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सभी अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाओं, चिकित्सा उपकरणों तथा आपातकालीन सुविधाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, गंभीर रोगियों, दिव्यांगजनों एवं अन्य संवेदनशील व्यक्तियों का चिन्हीकरण कर उनके लिए विशेष व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा।

उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी एवं एआरटीओ को जनपद की सभी एम्बुलेंसों का फिटनेस परीक्षण कराने तथा मुख्य चिकित्साधिकारी को सभी गर्भवती महिलाओं की सूची तैयार कर मानसून अवधि के दौरान सुरक्षित संस्थागत प्रसव की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निराश्रित पशुओं एवं पशुधन की सुरक्षा के लिए आवश्यक प्रबंध करने तथा आवश्यक दवाओं का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने को कहा गया।

वहीं पेयजल विभाग को क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनों की मरम्मत तथा विद्युत विभाग को ढीले विद्युत तारों एवं क्षतिग्रस्त विद्युत पोलों को तत्काल दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए।

दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सितंबर माह तक आवश्यक खाद्यान्न सामग्री का (तीन माह का) अग्रिम भंडारण सुनिश्चित करने के लिए जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देशित किया गया। साथ ही आपदा राहत किट से संबंधित सभी तैयारियां समय रहते पूर्ण करने को कहा गया।

जिलाधिकारी ने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए मानसून अवधि में जनहानि एवं संपत्ति के नुकसान को न्यूनतम करने के लिए पूर्व तैयारियां सुनिश्चित करें।

बैठक में पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, उप जिलाधिकारी राजकुमार पांडे, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अभिषेक गुप्ता, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नन्द किशोर जोशी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

K. S. Aswal