देश मे कोविद19 के कारण लॉक डाउन की शुरुआत से ही धार्मिक उज्जयनी सेवा समिति प्रतिदिन 10000 भोजन के पैकेट बनवाकर सरकार के साथ मिलकर उज्जैन शहर में जरूरत मंद गरीब व असहाय लोगो की भोजन की व्यवस्था कर रही है ।

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मध्यप्रदेश (उज्जैन) उज्जयनी सेवा समिति के संरक्षक श्री महावीर प्रसाद मानसिंगका जी की प्रेरणा एवं सहयोग ,एवं डॉ रमनसिंह सिकरवार IG RPTS इंदौर के मार्गदर्शन एवं समित  के सभी आदरणीय पदाधिकारियों ,संचालकों एवं सदस्यो एवं कर्मचारियों के सक्रिय सहयोग से प्रचार प्रसार से दूर उज्जयनी सेवा समिति लॉक डाउन की शुरुआत से ही 10000 दस हज़ार या उससे अधिक भोजन पेकेट्स का निर्माण कर वितरण हेतु जिला प्रशासन के सहयोग से शहर की विभिन्न सेवा संस्थाओ को वार्ड अनुसार पार्षदगणों एवं जनप्रतिनिधियों के सहयोग से वितरण हेतु सौप रहीं है।अपनी शासकीय ड्यूटी के बीच आज डॉ रमनसिंह सिकरवार ने सेवा समिति की भोजन सेवा में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हो समिति के सभी सभी साथियो कर्मचारियों का उत्साह वर्धन करते हुए कोरोना संकट को ध्याम में रख आपस मे दूरी रख बार बार हाथों को सेनेटाइज करने की हिदायत दी ।समिति द्वारा नियमित 10000 दस हज़ार भोजन पेकेट्स सेवा को देखते हुए उज्जैन कलेक्टर एवं अध्यक्ष श्री महाकालेश्वर मंदिर समिति द्वारा संयोजक उज्जयनी सेवा समिति के रूप में मुझे महाकाल अन्न क्षेत्र में निशुल्क भोजन पेकेट्स निर्माण के समन्वय की जवाबदारी सौपी है।
उज्जयनी सेवा समिति 25 वर्षो से सदैव प्रचार प्रसार से दूर रहती है कोरोना के संकट में भी सुप्रसिद्ध उद्योग पति 93 वर्षीय श्री महावीर प्रसाद मानसिंगका जी द्वारा लॉक डाउन के दौरान नियमित बनने वाले दस हज़ार लोगो के लिए 10000 भोजन पेकेट्स में लगने वाली सम्पूर्ण भोजन सामग्री का खर्च वहन किया जा रहा है इस जानकारी का भी प्रेस नोट समिति द्वारा जारी नही किया जा सका । किन्तु शहर में फील्ड रिपोर्टिंग का दावा कर रहे मीडिया कर्मियों की जानकारी में समिति द्वारा कोई प्रेस नोट जारी न करने के कारण सम्भवतः यह तथ्य जानकारी में आने से रह गया। कि पूरे प्रदेश में कहीं भी कोई एक समिति कोरोना में जब सब बंद है शहर कर्फ्यू के साये में है ऐसे समय मे 10000 दस हज़ार भोजन पैकेटस का निर्माण कर प्रशासन को निशुल्क वितरण हेतु देने की सेवा कर रही हो।समिति के नाम से किसी दानदाता से डोनेशन मांगा जाने की जानकारी मिलने पर समिति द्वारा मीडिया के समक्ष वास्तविकता रखी जा रही है कि उज्जयनी सेवा समिति के नाम से डोनेशन मांगनेवाला न तो समिति का सदस्य हो सकता है और न ही समिति या उसके नियमो को जनता है जिसके अनुसार उज्जयनी सेवा समिति सिर्फ अपने सदस्यो के दान ,सहयोग से सेवा करने वाली समिति है किसी गैर सदस्य या जो समिति की सेवा से व्यक्तिगत न जुड़ा हो और नगर के आम नागरीरिको से बिना सदस्य बनाये समिति में सहयोग लेने या ,दान लेने की परम्परा नही है।प्रचार प्रसार न करने का एक और नुकसान यह भी सामने आया है कि शहर के तमाम समाचार पत्रों में सेवा समितियों की सेवा का उल्लेख है किंतु पूरे प्रदेश में अपने दानदाता एवं साथियों के सहयोग से सर्वाधिक भोजन पेकेट्स 10000 दस हज़ार से अधिक बना कर वितरित करने वाली उज्जयनी सेवा समिति के नाम का कहीं कोई उल्लेख नही है।कल और आज कई सदस्यो से पूछा गया कि 25 साल से भोजन सेवा करने वाली समिति इस बार भोजन सेवा क्यो नहीं कर रहीं है।मेरे अनुसार यह स्थिति इस लिए बनी की 10000 भोजन पेकेट्स कोरोना संकट के समय मे बनाना सरल सेवा नही है भगवान के आशीर्वाद और समिति के सदस्यों के सक्रिय सहयोग के बिना यह संभव नही है ।समिति के अधिकांश पदाधिकारी और सदस्य भोजन निर्माण सेवा में व्यस्त है और जो सदस्य निजी स्वास्थ वजह से घर मे है वे भी सोशल मीडिया या अन्य मीडिया में इसकी जानकारी नहीं पहुचा पाये ।फ़ोटो आई जी डॉ रमनसिंह सिकरवार संयोजक घनश्याम पटेल के साथ भोजन व्यवस्था का अवलोकन करते हुए।प्रेषक -घनश्याम पटेल संयोजक उज्जयनी सेवा समिति उज्जैन।9425312555

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