देहरादून

सिलक्यारा टनल हादसा: श्रमिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, मुख्यमंत्री धामी ने दिए मुआवजा व एसओपी समीक्षा के निर्देश

मृतक के परिजनों को तत्काल सहायता, टनल सुरक्षा मानकों की होगी व्यापक समीक्षा

देहरादून|17|07|2026
उत्तरकाशी के सिलक्यारा टनल में बुधवार देर रात शॉटक्रीट का एक हिस्सा गिरने से हुए हादसे के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए श्रमिकों की सुरक्षा को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। मुख्यमंत्री ने सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन से घटना की विस्तृत जानकारी ली और राहत, बचाव एवं सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर सचिव विनोद कुमार सुमन ने एनएचआईडीसीएल और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक कर हादसे की परिस्थितियों, टनल के भीतर लागू सुरक्षा उपायों और तकनीकी व्यवस्थाओं की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने मृतक के परिजनों को नियमानुसार तत्काल मुआवजा उपलब्ध कराने तथा पार्थिव शरीर को पूरे सम्मान के साथ उनके गृह जनपद तक पहुंचाने के निर्देश दिए। साथ ही पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में हादसे के कारणों की विस्तृत जानकारी लेते हुए भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी तकनीकी और सुरक्षा मानकों का पुनर्मूल्यांकन करने पर जोर दिया गया। सचिव आपदा प्रबंधन ने टनल निर्माण एवं संचालन से संबंधित वर्तमान एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) की समीक्षा कर उसे वर्तमान परिस्थितियों और संभावित जोखिमों के अनुरूप संशोधित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने जिला प्रशासन, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, अग्निशमन सेवा, आपदा प्रबंधन विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों के समन्वय से एसओपी को अद्यतन करने तथा टनल के सभी संवेदनशील हिस्सों का विशेष निरीक्षण कर संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों में तत्काल सुरक्षात्मक उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (प्रशासन) प्रकाश चंद्र, जिलाधिकारी उत्तरकाशी प्रशांत आर्य, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (क्रियान्वयन) एवं डीआईजी राजकुमार नेगी, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिनेश कुमार पुनेठा सहित एनएचआईडीसीएल एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।