सख्ती भी, संवेदनशीलता भी: ड्रग इंस्पेक्टर अनीता भारती के प्रयासों से दिखने लगा असर
बतौर ड्रग इंस्पेक्टर समाज में बनी हैं नारी सशक्तीकरण का उदाहरण
रुड़की। नकली और नशीली दवाओं के खिलाफ लगातार अभियान चला रहीं ड्रग इंस्पेक्टर अनीता भारती के प्रयास अब जमीन पर असर दिखाने लगे हैं। प्रशासनिक सख्ती और सामाजिक जागरूकता के संयुक्त प्रयासों ने क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव की शुरुआत कर दी है।
लगातार छापेमारी और निगरानी के कारण अवैध दवा कारोबार पर अंकुश लगा है। कई संदिग्ध प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई के बाद दवा विक्रेताओं में नियमों के पालन को लेकर सतर्कता बढ़ी है। मेडिकल स्टोर संचालकों के बीच लाइसेंस, रिकॉर्ड संधारण और गुणवत्ता मानकों को लेकर गंभीरता देखी जा रही है।
दूसरी ओर, स्कूलों और कॉलेजों में चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों का भी प्रभाव स्पष्ट है। युवाओं में नशे के दुष्परिणामों को लेकर समझ विकसित हुई है और कई संस्थानों ने स्वयं नशामुक्ति शपथ कार्यक्रम शुरू किए हैं। छात्र-छात्राओं के बीच सकारात्मक संवाद का वातावरण बना है।
अनीता भारती का मानना है कि केवल दंडात्मक कार्रवाई से समस्या समाप्त नहीं होती, बल्कि जागरूकता और सहभागिता से स्थायी समाधान संभव है। यही कारण है कि वे कानून के साथ-साथ जनजागरूकता को भी समान महत्व देती हैं।
उनके प्रयासों से समाज में यह संदेश गया है कि प्रशासन सजग है और नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकारी नहीं, बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी है। सख्ती और संवेदनशीलता के संतुलन ने ही इस अभियान को प्रभावी बनाया है।
