महापौर ने मुख्यमंत्री से की व्यापारियों को राहत दिलाने की मांग
रुद्रपुर: काशीपुर बाईपास चौड़ीकरण परियोजना ने रुद्रपुर के व्यापारियों की नींद उड़ा दी है। विकास कार्यों की आड़ में त्यौहारों के ठीक पहले अपनी रोजी-रोटी छिनने के डर से व्यापारी समुदाय परेशान है। इसी मुद्दे को लेकर, नगर निगम महापौर विकास शर्मा ने सीधे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर व्यापारियों को राहत दिलाने की गुहार लगाई। महापौर ने खटीमा स्थित मुख्यमंत्री के कैंप कार्यालय में उनसे शिष्टाचार भेंट की और उन्हें इस गंभीर समस्या से अवगत कराया।
महापौर ने मुख्यमंत्री को बताया कि रुद्रपुर का काशीपुर बाईपास मार्ग लंबे समय से ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझ रहा है। इस मार्ग का चौड़ीकरण बेहद जरूरी है, लेकिन इसका सीधा असर उन व्यापारियों पर पड़ रहा है, जिनकी दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान दशकों से इस मार्ग पर चल रहे हैं। ये व्यापारी अब विस्थापन की कगार पर पहुँच गए हैं, जिससे उनका भविष्य अंधकारमय लग रहा है।
महापौर ने साफ शब्दों में कहा कि व्यापारी चौड़ीकरण के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि वे भी शहर के विकास में भागीदार बनना चाहते हैं। उनका विरोध सिर्फ इस बात को लेकर है कि कार्रवाई का समय सही नहीं है। अगले कुछ हफ्तों में दशहरा, दिवाली, करवाचौथ, और गुरुपर्व जैसे बड़े त्योहार आ रहे हैं। साल भर मंदी का सामना करने के बाद व्यापारियों को इन त्योहारों से बड़ी उम्मीदें होती हैं। यह उनके लिए साल भर की कमाई का सबसे महत्वपूर्ण समय होता है। यदि इस दौरान अतिक्रमण हटाने या ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी जाती है, तो उनके कारोबार पर गहरा संकट आ जाएगा, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान होगा।
महापौर विकास शर्मा ने मुख्यमंत्री से तीन मुख्य बिंदुओं पर विचार करने का आग्रह किया। पहला, व्यापारियों की भावनाओं का सम्मान करते हुए, तत्काल प्रभाव से त्यौहारों तक चौड़ीकरण के कार्य को रोक दिया जाए। दूसरा, चौड़ीकरण की प्रस्तावित चौड़ाई 22.5 मीटर से घटाकर कम करने पर विचार किया जाए। इससे कम से कम व्यापारी विस्थापित होंगे और उनका कारोबार बचा रहेगा। तीसरा, और सबसे महत्वपूर्ण, जिन व्यापारियों को पूरी तरह से विस्थापित होना पड़ेगा, उनके पुनर्वास के लिए एक स्पष्ट और प्रभावी योजना बनाई जाए। इन व्यापारियों को कहीं और बसाया जाए ताकि वे फिर से अपना जीवन और व्यवसाय शुरू कर सकें।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महापौर की चिंताओं को बहुत गंभीरता से सुना। उन्होंने आश्वासन दिया कि विकास कार्यों के साथ-साथ जनता के हितों और भावनाओं का ध्यान रखना उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रभावित व्यापारियों को हरसंभव राहत दिलाने के लिए संवेदनशीलता से विचार करेगी। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को इस मामले में जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपने और समाधान निकालने के निर्देश देने का भी वादा किया। यह मुलाकात व्यापारियों के लिए एक उम्मीद की किरण लेकर आई है। देखना यह होगा कि सरकार इस मामले पर क्या अंतिम निर्णय लेती है और क्या वाकई चौड़ीकरण का काम फिलहाल रुकता है या नहीं ।
