केंद्रीय बजट निराशाजनक, किसान–युवा–विद्यार्थी–बेरोजगारों को ठेंगा : सूर्यकांत धस्माना
महंगाई से कोई राहत नहीं, उत्तराखंड के लिए भी बजट घोर निराशाजनक
देहरादून।
उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं एआईसीसी सदस्य सूर्यकांत धस्माना ने केंद्रीय बजट को निराशाजनक बताते हुए कहा कि इसमें न तो किसानों, न युवाओं, न विद्यार्थियों और न ही बेरोजगारों के लिए कोई ठोस राहत या बड़ी योजना दिखाई देती है।
अपने कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए श्री धस्माना ने कहा कि देश की आम जनता को महंगाई से राहत देने के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बावजूद देश में पेट्रोल और डीज़ल की ऊंची कीमतें बनी रहेंगी, जिससे सरकारी लूट जारी रहेगी।
उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने को लेकर बजट पूरी तरह खामोश है और ‘किसानों की आय दोगुनी करने’ का सरकार का पुराना जुमला अब स्वयं सरकार ने ही त्याग दिया है। युवाओं और बेरोजगारों के लिए भी बजट में रोजगार सृजन की कोई ठोस योजना नहीं है।
सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि केंद्रीय बजट उत्तराखंड राज्य के लिए भी घोर निराशाजनक है। पर्यटन के नाम पर ‘ट्रैकिंग हब’ बनाने का जुमला हास्यास्पद है, क्योंकि उत्तराखंड की पर्वतमालाएं, घाटियां, नदियां, जंगल, बुग्याल और वन्य जीव प्रकृति की देन हैं। ट्रैक प्राकृतिक होते हैं, ऐसे में उन्हें ‘हब’ बनाने की बात समझ से परे है।
उन्होंने कहा कि बीते वर्ष राज्य में आई भीषण आपदाओं से धराली, थराली, देवाल, धारचूला, पौड़ी और देहरादून सहित कई क्षेत्रों में भारी जान-माल का नुकसान हुआ, लेकिन चार महीने से अधिक समय बीतने के बाद भी आपदा प्रभावित लोगों को न तो पर्याप्त राहत मिली और न ही पुनर्निर्माण कार्य शुरू हुआ। ऐसे में उत्तराखंड को केंद्रीय बजट से आपदा राहत मद में विशेष पैकेज की उम्मीद थी, लेकिन बजट में ऐसा कोई प्रावधान नहीं किया गया, जिससे पूरे प्रदेश की जनता निराश है।
