उत्तराखंड पुलिस को यूं ही नही कहा जाता मित्र पुलिस, ये है बड़ी वजह

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चमोली– उत्तराखंड पुलिस को मित्र पुलिस यू ही नही कहा जाता ।दरअसल उत्तराखंड पुलिस कोरोना महामारी में जिस तरह से रात दिन एक करके काम कर रही है वो काबिलेतारीफ है । फिर चाहे वो गरीबों को राशन उपलब्ध कराना हो या किसी बुजर्ग का जन्मदिन मनाने का कार्य ।इस लॉक डाउन के दौरान प्रदेशभर से पुलिस की ऐसी ही मानवता की तस्वीरें देखने को मिली है जिससे कही ना कही लोगो का पुलिस के प्रति नजरिया भी बदला है ।

एक ऐसी ही तस्वीर चमोली पुलिस की देखने को मिली है जहाँ एक बुजर्ग का बैग खोने की दशा में पुलिस ने मानवता की मिसाल कायम की ।आज थराली निवासी गब्बर सिंह पुत्र बच्चन सिंह, ग्राम- सांगवाड़ा,पटवारी क्षेत्र थराली का बैग जिसमें 10000 रुपये,बैंक की चैक बुक,एटीएम कार्ड,व अन्य जरूरी कागजात थराली बाजार में खो गया था।

उक्त सूचना पर तत्काल कार्यवाही करते हुए एन.पी.यू. थराली में नियुक्त पुलिसकर्मी  कृष्णा द्वारा सीसीटीवी की मदद से बैग को ढूढ़कर बैग स्वामी के सुपुर्द किया गया।

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