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पुलिस का कड़ा प्रहार! यमकेश्वर में सत्यापन में लापरवाही पर दो ठेकेदारों के चालान, कोर्ट में भेजा मामला

🚨 सुरक्षा से समझौता पड़ा महंगा, यमकेश्वर पुलिस ने बिना सत्यापन मजदूर रखने वालों पर की कार्रवाई

📢 बिना सत्यापन = सीधी कार्रवाई! यमकेश्वर पुलिस का सख़्त संदेश

🔥 सावधान ठेकेदार! 02 ठेकेदारों पर ₹20 हजार का चालान, न्यायालय में भेजा मामला

यमकेश्वर (पौड़ी गढ़वाल)।
जनपद में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से पौड़ी गढ़वाल पुलिस द्वारा किराएदार, मजदूर एवं कबाड़ी सत्यापन अभियान लगातार प्रभावी रूप से चलाया जा रहा है। यह अभियान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी गढ़वाल के निर्देशों के क्रम में संचालित किया जा रहा है।

इसी क्रम में यमकेश्वर थाना पुलिस ने अपने क्षेत्र में सघन सत्यापन अभियान चलाते हुए निर्माण स्थलों एवं वहां कार्यरत मजदूरों की जांच की। जांच के दौरान यह सामने आया कि दो ठेकेदारों द्वारा अपने यहां कार्यरत मजदूरों का अनिवार्य पुलिस सत्यापन नहीं कराया गया था।


धारा 83 पुलिस अधिनियम में कार्रवाई
पुलिस ने इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए धारा 83 पुलिस अधिनियम के अंतर्गत 02 ठेकेदारों के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की।

दोनों ठेकेदारों पर ₹10,000-₹10,000 का चालान करते हुए कुल ₹20,000 की धनराशि आरोपित कर मामला माननीय न्यायालय में प्रेषित किया गया।
इन ठेकेदारों पर हुई कार्रवाई.

अरुण शर्मा
निवासी – ग्राम बरूरा, नारायणपुर, कुंदा, जनपद चतरा (झारखंड)

मेहर सिंह निवासी – ग्राम सेनावाला, पोस्ट जातिपुर पडली, थाना नगीना, जनपद बिजनौर (उत्तर प्रदेश)

पुलिस की सख़्त चेतावनी
यमकेश्वर पुलिस ने अन्य ठेकेदारों, मकान मालिकों एवं प्रतिष्ठान संचालकों को कड़ी हिदायत दी है कि वे अपने अधीन कार्यरत मजदूरों व किराएदारों का समय से पुलिस सत्यापन अनिवार्य रूप से कराएं, अन्यथा आगे और भी सख़्त कार्रवाई की जाएगी।

Uma Shankar Kukreti