गंगा के टापू में फंसा बीटेक छात्र, SDRF ने अंधेरी रात में चलाया साहसी रेस्क्यू ऑपरेशन
📍ऋषिकेश | उत्तराखंड केसरी
पशुलोक बैराज के निकट गंगा नदी के बीच बने टापू पर फंसे एक युवक को एसडीआरएफ की टीम ने देर रात चलाए गए अभियान में सकुशल रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाल लिया। रेस्क्यू अभियान के दौरान टीम ने तेज बहाव, अंधेरा और दुर्गम नदी तटों के बीच साहस और सूझबूझ का परिचय दिया।
जानकारी के अनुसार 05 मार्च 2026 की रात ऋषिकेश कंट्रोल रूम से एसडीआरएफ पोस्ट ढालवाला को सूचना मिली कि पशुलोक बैराज के पास नदी के बीच एक टापू पर युवक फंसा हुआ है। सूचना मिलते ही निरीक्षक कविंद्र सजवाण के नेतृत्व में एसडीआरएफ की टीम आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों के साथ तत्काल मौके के लिए रवाना हो गई।
घटनास्थल पर पहुंचने के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने पशुलोक बैराज से कुनाऊ गांव की दिशा में करीब डेढ़ से दो किलोमीटर तक युवक की तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद एसडीआरएफ टीम ने रात के अंधेरे और तेज बहाव के बीच लगातार सर्च अभियान चलाया।
काफी प्रयासों के बाद टीम ने कुनाऊ गांव से लगभग दो किलोमीटर आगे नदी के बीच बने टापू पर फंसे युवक तक पहुंचने में सफलता प्राप्त की। जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में टीम ने कड़ी मेहनत और तकनीकी दक्षता के साथ युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
रेस्क्यू किए गए युवक की पहचान आयुष ममगई (20 वर्ष), निवासी इंद्र नगर, ऋषिकेश के रूप में हुई है, जो बीटेक का छात्र है। एसडीआरएफ टीम ने युवक को सुरक्षित रेस्क्यू कर उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया।

पशुलोक बैराज के पास गंगा नदी के टापू से युवक को रेस्क्यू करती SDRF टीम।
✍️ रिपोर्ट:
उमाशंकर कुकरेती
संपादक – उत्तराखंड केसरी
