दुर्गम पहाड़, कठिन रास्ते… लेकिन कर्तव्य से नहीं डिगीं शिक्षिका ममता रौतेला

ब्यूरो रिपोर्ट : दिगम्बर सिंह चौहान, उत्तराखंड केसरी
09 मई 2026
उत्तराखंड के यमकेश्वर ब्लॉक से एक प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है, जहाँ शिक्षिका ममता रौतेला इन दिनों अपनी कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण के चलते चर्चा में हैं। जनगणना कार्य को पूरा करने के लिए वह सिगड्डी, मुसराली और घाईखाल जैसे दुर्गम गांवों तक पैदल पहुँच रही हैं।
यमकेश्वर क्षेत्र अपनी कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के लिए जाना जाता है। यहाँ एक गांव से दूसरे गांव तक पहुँचने के लिए पथरीले रास्तों और ऊँची पहाड़ियों को पार करना पड़ता है। बावजूद इसके ममता रौतेला बिना किसी शिकायत के हर घर तक पहुँचकर डेटा जुटा रही हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों में वह कठिन रास्तों पर पैदल चलती दिखाई दे रही हैं। स्थानीय लोग उनके जज्बे की जमकर सराहना कर रहे हैं और उन्हें “कर्तव्य की प्रतिमूर्ति” बता रहे हैं।
ममता रौतेला का यह समर्पण उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा है, जो छोटी-छोटी चुनौतियों से हार मान लेते हैं। सचमुच, ऐसे कर्मयोगी ही समाज और देश की असली ताकत हैं।
