स्थायी राजधानी एवं नर्सिंग भर्ती को नियमित करने की मांग को मिला व्यापक समर्थन
64वें दिन क्रमिक अनशन पर बैठे आंदोलनकारियों को मनमोहन शर्मा का समर्थन
देहरादून दिनांक: 10 मई 2026
प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से जानकारी देते हुए आंदोलनकारी श्री सुधीर गैरोला ने बताया कि उत्तराखंड की स्थायी राजधानी गैरसैंण बनाए जाने तथा नर्सिंग भर्ती को नियमित करने की मांग को लेकर एकता विहार, देहरादून में दिनांक 08 मार्च 2026 से क्रमिक अनशन लगातार जारी है। आज आंदोलन के 64वें दिन अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण सभा उत्तराखंड के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता श्री मनमोहन शर्मा ने धरना स्थल पहुंचकर आंदोलन को पूर्ण समर्थन दिया।
श्री सुधीर गैरोला, जो कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से प्रबंधक पद से सेवानिवृत्त हैं, ने बताया कि यह आंदोलन अब जनआंदोलन का स्वरूप लेता जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य गठन के 25 वर्ष बाद भी दो अस्थायी राजधानियों की व्यवस्था संविधान और जनभावनाओं के अनुरूप नहीं है।
इस अवसर पर श्री मनमोहन शर्मा ने कहा कि गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाए जाने हेतु भविष्य में देहरादून से गैरसैंण तक पदयात्रा निकाली जाएगी, जिसमें तन, मन और धन से पूर्ण सहयोग दिया जाएगा। पदयात्रा की तिथि विभिन्न बैठकों के माध्यम से तय की जाएगी। साथ ही आंदोलन की मांगों को लेकर माननीय प्रधानमंत्री जी को ज्ञापन भी तैयार किया गया है, जिसे आगामी दो-तीन दिनों में स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेजा जाएगा।
आंदोलन को अब तक पूर्व मुख्यमंत्री श्री हरीश रावत, श्री हरक सिंह रावत, श्री गणेश गोदियाल, श्री राकेश ध्यानी, श्री पी.सी. थपलियाल, श्री शांति प्रसाद, श्रीकांत जी, श्रीमती ममता राकेश, विधायक श्री लखपत बुटोला सहित अनेक जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों का समर्थन प्राप्त हो चुका है।
धरना स्थल पर संबोधित करते हुए श्री मनमोहन शर्मा ने कहा कि सरकार को तत्काल संज्ञान लेते हुए आंदोलनरत बहनों और बेटियों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कई दिनों से महिलाएं भूखे-प्यासे धरने पर बैठी हैं, लेकिन सरकार की ओर से अभी तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। यदि सरकार ने शीघ्र मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
अंत में आंदोलनकारियों ने कहा कि श्री मनमोहन शर्मा के समर्थन से आंदोलन को नई ऊर्जा और गति मिलेगी।
मनमोहन शर्मा
अध्यक्ष
अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण सभा, उत्तराखंड
