ऋषिकेशस्वास्थ्य

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश में कोरोना वायरस आशंकित मरीजों के लिए ओइसोलेशन वार्ड की व्यवस्था के साथ साथ अब विभिन्न काउंटरों पर इंफ्रारेड थर्मामीटर व कोरोना संक्रमित रोगियों व उनके तीमारदारों के लिए मास्क की व्यवस्था भी कर दी गई है,

ऋषिकेश:अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश में कोरोना वायरस आशंकित मरीजों के लिए ओइसोलेशन वार्ड की व्यवस्था के साथ साथ अब विभिन्न काउंटरों पर इंफ्रारेड थर्मामीटर व कोरोना संक्रमित रोगियों व उनके तीमारदारों के लिए मास्क की व्यवस्था भी कर दी गई है,जिससे अन्य लोगों को इस बीमारी के संक्रमण से सुरक्षित रखा जा सके। एम्स ऋषिकेश प्रशासन की ओर से कोरोना वायरस के लगातार बढ़ते फैलाव के मद्देनजर एडवाइजरी जारी कर जनसामान्य को इससे जागरुक रहने का सुझाव दिया गया है। एम्स निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत जी ने बताया कि नोवेल कोरोना वायरस एक संक्रमित लार्वा है, जो मनुष्यों को एवं पशुओं को दोनों को संक्रमित करता है । मानव जनित कोरोना वायरस आम सर्दी में रोग व संक्रमण का कारक बनता है, हाल ही में चीन में उदिप्त नोवेल कोरोना वायरस जिससे कि समस्त चीन देश के लोग संक्रमित हुए हैं, यह भी एक कोविद -19 नामक गंभीर वायरस की आमद से हुआ है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार यह उभरती हुई ​कोविद 19 सांस की बीमारी वैश्विकरूप से बहुत अधिक जोखिम के साथ एक महामारी के चरण में है। निदेशक एम्स पद्मश्री प्रो. रवि कांत जी ने संस्थान की ओर से एडवाइजरी जारी कर आमजनों को कोरोना वायरस के दुष्प्रभाव को लेकर जागरुक रहने की अपील की गई है। यह बताना जरुरी है कि हाल ही में देश में कुछ कोविद 19 के कुछ मामलों की पु​ष्टि की गई है,मगर हो सकता है कि आने वाले समय में ऐसे मामले बढ़ सकते हैं। भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा इस विषय में पूर्व में ही हाई अलर्ट जारी किया गया है, जिसके मद्देनजर हम सबको सजग रहना है। एम्स संस्थान के जनरल मेडिसिन विभाग के डा. पीके पंडा ने बताया कि बुखार व सांस की तकलीफ होने पर ऐसे रोगियों की अस्पताल में जांच कराना आवश्यक है। बूूखार, खांसी व बेचैनी होने पर हमें अनावश्यकरूप से यात्रा नहीं करनी चाहिए व एहतियात बरतना चाहिए। एम्स संस्थान ने जारी एडवाइजरी में कहा है कि संस्थान कोविद- 19 के लक्षण की पहचान के लिए कुछ पहलुओं की जांच कर इसकी रोकथाम कर सकता है। ऐसे संदिग्ध रोगियों को अस्पताल लाते समय परिजनों को सर्जिकल मास्क पहनना आवश्यक है। संस्थान द्वारा ऐसे रोगियों के लिए अलग से पंजीकरण केंद्र एवं उसके बाद विशेष उपचार कक्ष आइसोलेशन वार्ड स्थापित किया गया है। साथ ही संस्थान द्वारा अलग अलग काउंटरों पर इंफ्रारेड थर्मामीटर से संदिग्ध मरीजों की बुखार की जांच की जाएगी व रोगी व उसके तीमारदार को मास्क पहनने के लिए दिया जाएगा। जिससे अन्य लोगों को संक्रमण का खतरा न हो। ऐसे मरीजों को खांसते व छींकते समय नाक व मुहं ढककर रखने को कहा गया है, एडवाइजरी में आम नागरिकों को सेनेटाइजर इस्तेमाल कर हाथों को साफ करने की सुझाव दिया गया है। बताया गया कि यदि आप यात्रा के दौरान बुखार, खांसी, जुकाम से पीड़ित हों तो आप इसकी सूचना चालक दल के सदस्यों को देकर निकटस्थ स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क कर इन लक्षणों की जांच करा सकते हैं।

Rajnish Kukreti

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