पहाड़ में बाघ के हमले से बच्चों की मौत पर उबाल, अगस्त्यमुनि घटना के बाद घंटाघर पर ‘धाद’ का प्रदर्शन”
वन्यजीव हमलों में 1100 से अधिक मौतों का दावा, सरकार से ठोस कार्रवाई की मांग
उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में बढ़ते वन्यजीव हमलों को लेकर सामाजिक संगठन ‘धाद’ ने देहरादून स्थित इन्द्रमणि बडोनी चौक (घंटाघर) पर प्रदर्शन कर रोष जताया। प्रदर्शनकारियों ने 4 फरवरी 2026 को अगस्त्यमुनि में एक बच्चे की बाघ के हमले में हुई मौत पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए सभा का आयोजन किया।

सभा को संबोधित करते हुए हरेला गांव ‘धाद’ के नीलेश नेगी ने कहा कि राज्य गठन के बाद से अब तक 1100 से अधिक लोग वन्यजीव हमलों का शिकार हो चुके हैं और यह दुखद सिलसिला लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि एक जिम्मेदार नागरिक समूह के रूप में ‘धाद’ ने निर्णय लिया है कि हर ऐसी घटना के बाद सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए मांगपत्र सौंपा जाएगा और सार्वजनिक प्रदर्शन किए जाएंगे।
इस दौरान आंदोलनकारी मंच के प्रदीप कुकरेती, दून सिटीजन फोरम के जगमोहन मेहंदीरत्ता, वेस्ट वॉरियर्स के नवीन सदाना, शास्त्रीनगर जनकल्याण समिति की कल्पना बहुगुणा और पहाड़ी स्वाभिमान सेना के पंकज उनियाल ने भी अपने विचार रखते हुए वन्यजीव हमलों पर रोक लगाने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।

प्रदर्शन में उत्तम सिंह रावत, गणेश उनियाल, मुकेश नारायण उनियाल, विकास खन्ना, शुभम शर्मा, सुरेश कुकरेती, जी.एस. रावत, फील गुड ट्रस्ट के कुलदीप रावत, नीना रावत, पी.के. डिमरी, आशा डोभाल, हिमांशु आहूजा, हर्ष मणि व्यास, कल्पना बहुगुणा, तन्मय ममगाईं और उमेश्वर रावत सहित कई लोग मौजूद रहे।
