देहरादून

देहरादून: दून अस्पताल की इमरजेंसी में खूनी संघर्ष, चापड़ लहराने से मची अफरा-तफरी; डॉक्टरों और मरीजों में दहशत

देहरादून। राजधानी देहरादून के राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल की इमरजेंसी में शुक्रवार तड़के दो पक्षों के बीच विवाद और मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि इस दौरान एक युवक चापड़ जैसे धारदार हथियार लेकर इमरजेंसी में पहुंच गया, जिससे अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। घटना के समय इमरजेंसी में मरीजों का उपचार चल रहा था। अचानक हुए हंगामे से मरीजों, तीमारदारों और अस्पताल कर्मचारियों में दहशत फैल गई।

सुबह करीब 4:50 बजे हुई घटना

जानकारी के अनुसार, घटना शुक्रवार सुबह करीब 4:50 बजे की है। बताया जा रहा है कि अस्पताल के बाहर एसपी सिटी कार्यालय के पास दो पक्षों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद एक पक्ष का व्यक्ति मेडिकल परीक्षण के लिए दून अस्पताल की इमरजेंसी पहुंचा। कुछ देर बाद दूसरा पक्ष भी वहां आ गया। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच कहासुनी बढ़ गई और मामला मारपीट तक पहुंच गया।

दोनों हाथों में चापड़ लेकर पहुंचने का आरोप

आरोप है कि विवाद के दौरान एक युवक दोनों हाथों में चापड़ जैसे धारदार हथियार लेकर इमरजेंसी में पहुंच गया। हथियार लहराए जाने से अस्पताल में मौजूद लोगों में भय का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इस दौरान दूसरे पक्ष के व्यक्ति पर हमला करने की कोशिश भी की गई।

इसके अलावा डॉक्टरों और अस्पताल कर्मचारियों के साथ अभद्रता करने और उन्हें धमकी देने के आरोप भी सामने आए हैं। हालांकि, मामले में सभी आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।

सुरक्षा गार्ड ने संभालने की कोशिश की स्थिति

अस्पताल में तैनात सुरक्षा गार्ड ने हंगामा कर रहे लोगों को नियंत्रित करने और उन्हें बाहर निकालने का प्रयास किया। इसके बावजूद स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। मरीजों और तीमारदारों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इमरजेंसी का मुख्य गेट कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा। इससे उपचार के लिए अस्पताल पहुंचे लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।

अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

दून अस्पताल की इमरजेंसी में धारदार हथियार लेकर पहुंचने की घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इमरजेंसी जैसे संवेदनशील स्थान पर इस तरह का हंगामा होने से डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों और मरीजों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अस्पताल प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया है और पुलिस को शिकायत देने की बात कही है। शिकायत के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटना में शामिल लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने आने का इंतजार है।

सवाल यह है कि मरीजों की जान बचाने वाले अस्पताल की इमरजेंसी में ही यदि इस तरह हथियार लहराए जाएंगे, तो डॉक्टरों, कर्मचारियों और मरीजों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी?