देहरादून

बाल श्रम पर जिला प्रशासन की सख्ती, देहरादून में 40 बच्चों का रेस्क्यू, दोषी नियोक्ताओं पर कार्रवाई

486 छापेमारी में 28 बाल श्रमिक और 12 किशोर श्रमिक मुक्त, नियोक्ताओं से ₹20-20 हजार की क्षतिपूर्ति वसूली

देहरादून, 08 जुलाई। जनपद देहरादून में बाल श्रम के खिलाफ जिला प्रशासन ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए निगरानी और कार्रवाई तेज कर दी है। जिला टास्क फोर्स की समीक्षा बैठक में सामने आया कि 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच जिले में 486 औचक निरीक्षण और छापेमारी की गई, जिनमें 28 बाल श्रमिकों और 12 किशोर श्रमिकों सहित कुल 40 बच्चों को रेस्क्यू कर सुरक्षित मुक्त कराया गया।
सहायक श्रम आयुक्त शैलेष सती की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में बताया गया कि सभी मुक्त कराए गए बच्चों को बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के सुपुर्द कर दिया गया है। प्रशासन उनके पुनर्वास, शिक्षा और मुख्यधारा से जोड़ने के लिए आवश्यक कदम उठा रहा है।
दोषी नियोक्ताओं पर आर्थिक और कानूनी कार्रवाई
उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में दोषी नियोक्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। रेस्क्यू किए गए मामलों में चिन्हित नियोक्ताओं से प्रति मामले ₹20,000 की क्षतिपूर्ति राशि वसूली जा चुकी है।
बैठक में बताया गया कि:
12 मामलों में आयु प्रमाण पत्र के आधार पर श्रमिक बाल श्रम की श्रेणी से बाहर पाए गए।
5 मामलों में नए आदेश जारी किए गए।
2 मामलों में जुर्माना वसूली के लिए जिला मजिस्ट्रेट को पत्र भेजा गया।
8 मामलों में कानूनी कार्रवाई अभी जारी है।
बाल श्रम कराने पर जेल और जुर्माने का प्रावधान
सहायक श्रम आयुक्त शैलेष सती ने बताया कि बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के संशोधित प्रावधानों के तहत 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को किसी भी प्रकार के कार्य में लगाना प्रतिबंधित है। नियमों का उल्लंघन करने पर 6 महीने से 2 वर्ष तक की सजा और न्यूनतम ₹20,000 जुर्माने का प्रावधान है।
संवेदनशील क्षेत्रों में बढ़ेगी निगरानी
बैठक में पुलिस, श्रम विभाग और अन्य संबंधित विभागों को आपसी समन्वय बढ़ाने तथा संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के व्यापक प्रचार-प्रसार और जनजागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, रीजनल लेबर कमिश्नर दिनेश कुमार, सीएचएल समन्वयक साक्षी भंडारी, आसरा ट्रस्ट के अक्षित नौटियाल सहित जिला टास्क फोर्स एवं बाल कल्याण समिति के सदस्य उपस्थित रहे।

Uma Shankar Kukreti