देहरादून

बैंकों की मनमानी पर डीएम सख्त, जनता को परेशान किया तो होगी कार्रवाई

जिले का पैसा जिले के विकास में लगे, केवल जमा जुटाना पर्याप्त नहीं : डीएम


देहरादून, 25 जून। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) की कार्यप्रणाली पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि जनता को अनावश्यक परेशान करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। गुरुवार को ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित जिला स्तरीय पुनरीक्षण समिति (DLRC) एवं जिला सलाहकार समिति (DCC) की त्रैमासिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने बैंकों को जनहित में कार्य करने और रोजगारपरक योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए।
डीएम ने कहा कि जिले के लोगों की जमा पूंजी का उपयोग जिले के विकास और स्थानीय निवेश में होना चाहिए। केवल जमा राशि बढ़ाना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि जो बैंक स्थानीय संसाधनों का उपयोग अन्य क्षेत्रों में करेंगे और जिले के विकास में योगदान नहीं देंगे, उन्हें प्रशासनिक सहयोग की अपेक्षा नहीं करनी चाहिए।

एनबीएफसी को चेतावनी

जिलाधिकारी ने गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों को भी सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि गरीबों को कर्ज के जाल में फंसाकर उनका उत्पीड़न किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आरबीआई के सभी नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और कहा कि यदि ऋण वसूली के कारण कानून-व्यवस्था प्रभावित हुई तो संबंधित संस्थानों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

बैठक से अनुपस्थित बैंकों को नोटिस

बैठक में बंधन बैंक, इंडसइंड बैंक और आईडीएफसी बैंक के प्रतिनिधियों के अनुपस्थित रहने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और सभी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। कुछ अन्य बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में अनुपस्थित रहे।
एसबीआई के प्रदर्शन पर नाराजगी
समीक्षा के दौरान स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) का क्रेडिट-डिपॉजिट (सीडी) रेशियो मात्र 21.73 प्रतिशत पाया गया, जो जिले में सबसे कम रहा। कृषि ऋण वितरण में भी बैंक लक्ष्य के मुकाबले केवल 28.53 प्रतिशत ऋण वितरित कर सका। इस पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए प्रदर्शन में सुधार के निर्देश दिए।

स्वरोजगार योजनाओं में देरी बर्दाश्त नहीं

डीएम ने पीएमईजीपी, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, वीर चंद्र सिंह गढ़वाली योजना तथा राष्ट्रीय ग्रामीण एवं शहरी आजीविका मिशन के तहत लंबित ऋण आवेदनों का समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी आवेदन को अस्वीकार किया जाता है तो उसका स्पष्ट कारण आवेदक को बताया जाए।

जिले का सीडी रेशियो 42.69 प्रतिशत

लीड बैंक अधिकारी संजय भोटिया ने बताया कि मार्च 2026 तक देहरादून जिले का औसत सीडी रेशियो 42.69 प्रतिशत रहा। हालांकि एसबीआई, पीएनबी, यूनियन बैंक, यूको बैंक, आईडीबीआई और बैंक ऑफ बड़ौदा सहित छह बड़े बैंकों का सीडी रेशियो अभी भी आरबीआई के निर्धारित 40 प्रतिशत मानक से कम है।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, लीड बैंक अधिकारी संजय भोटिया, आरबीआई के एलडीओ अवनेश्वर सिंह, नाबार्ड के डीडीएम प्रदीप राम सहित विभिन्न विभागों एवं बैंकों के जिला और शाखा प्रबंधक उपस्थित रहे।

Uma Shankar Kukreti