खाद्य सुरक्षा विभाग की दीपावली पूर्व छापामार कार्रवाई
हरिद्वार, 9 अक्टूबर 2025। दीपावली पर्व को ध्यान में रखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग की दो टीमों द्वारा आज जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में छापामार कार्रवाई की गई।

पहली टीम का नेतृत्व जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री महिमानंद जोशी ने किया। इस टीम में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन, योगेंद्र पांडे तथा पवन कुमार शामिल रहे। टीम द्वारा उत्तर प्रदेश से सटे नारसन बॉर्डर पर परिवहन विभाग के सहयोग से खाद्य पदार्थों की आपूर्ति करने वाले वाहनों की जांच की गई। रोडवेज बसों एवं आपूर्ति वाहनों की सघन चेकिंग की गई, परंतु किसी भी वाहन में खाद्य पदार्थों की आपूर्ति नहीं पाई गई।

मौके पर खाद्य सुरक्षा विभाग एवं परिवहन विभाग द्वारा सभी ड्राइवरों और कंडक्टरों को चेतावनी दी गई कि वे बिना सवारी या बिना वैध लगेज के किसी भी प्रकार का खाद्य पदार्थ परिवहन न करें।

इसके पश्चात टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर मंगलौर-लैंडोरा मार्ग पर स्थित एक रसगुल्ला निर्माण इकाई का निरीक्षण किया, जहां निर्माण कार्य बंद पाया गया। इसी प्रकार बदरी राजपूतान क्षेत्र में स्थित एक अन्य रसगुल्ला निर्माण इकाई का भी निरीक्षण किया गया, जहां मालिक ने बताया कि आदेश न मिलने के कारण पिछले एक-दो दिनों से निर्माण कार्य रुका हुआ है।

इसके बाद टीम ने सिडकुल क्षेत्र में स्थित प्रतिष्ठित मिठाई दुकानों का निरीक्षण किया। एक प्रतिष्ठित मिठाई निर्माण स्थल की बारीकी से जांच की गई, जहां स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी सभी प्रावधानों का पालन किया गया पाया गया। मौके पर खुला मावा और खुला कलाकंद मिठाई के दो नमूने प्रयोगशाला जांच हेतु लिए गए, जिन्हें राजकीय खाद्य प्रयोगशाला, रुद्रपुर भेजा जा रहा है।

दूसरी टीम का नेतृत्व खाद्य सुरक्षा अधिकारी कैलाश चंद टम्टा ने किया। उनकी टीम ने नगर निगम क्षेत्र में स्थित विभिन्न मिठाई निर्माण इकाइयों का निरीक्षण किया। एक इकाई से तीन नमूने — मिल्क, पतिसा और गुलाब जामुन — जांच हेतु लिए गए। संबंधित मिठाई निर्माता को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की धारा 55 के अंतर्गत नोटिस जारी किया गया।
इसके अतिरिक्त एक वाहन से दूध का नमूना, तथा सब्जी मंडी ज्वालापुर में स्थित मावा और पनीर की दुकानों से मावे और पनीर के नमूने भी परीक्षण हेतु लिए गए हैं।
खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा बताया गया कि यह विशेष निगरानी अभियान दीपावली पर्व तक लगातार जारी रहेगा, ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं शुद्ध खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराए जा सके
