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आनरेरी सूबेदार के बेटे मृदुल पयाल का राष्ट्रीय एक्रो प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन, देश में बढ़ाया यमकेश्वर का मान

 

यमकेश्वर के होनहार मृदुल पयाल को राष्ट्रीय एक्रो प्रतियोगिता में तृतीय स्थान, मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित

फौजी परिवार से निकले मृदुल पयाल ने राष्ट्रीय एक्रो प्रतियोगिता में लहराया परचम, पिता चलाते हैं स्वरोजगार कैफे

कुनांऊ गांव, यमकेश्वर के मृदुल पयाल की राष्ट्रीय उड़ान, एक्रो प्रतियोगिता में देशभर में तीसरा A

ऋषिकेश/पौड़ी गढ़वाल।
राष्ट्रीय स्तर की एक्रो (Acro) पैराग्लाइडिंग प्रतियोगिता में कुनांऊ गांव, यमकेश्वर ब्लॉक, पौड़ी गढ़वाल के मूल निवासी पायलट मृदुल पयाल (23) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तृतीय स्थान प्राप्त कर उत्तराखंड और देश का नाम रोशन किया है। प्रतियोगिता का समापन 30 जनवरी 2026 (शुक्रवार) को हुआ।

 


प्रतियोगिता के फर्स्ट राउंड में मृदुल पयाल द्वितीय स्थान पर रहे, जबकि केवल 1.5 अंकों के मामूली अंतर से सेकेंड राउंड में उन्हें तीसरा स्थान मिला। समापन समारोह में पुष्कर सिंह धामी ने मृदुल पयाल को प्रमाण पत्र, ट्रॉफी, सम्मान रिबन और ₹1 लाख का नगद पुरस्कार प्रदान करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

मृदुल पयाल, आनरेरी सूबेदार मेजर (सेवानिवृत्त) सुरेश पयाल एवं श्रीमती ममता पयाल (प्रधानाध्यापिका, राजकीय प्राथमिक विद्यालय बैरागढ़, यमकेश्वर) के सुपुत्र हैं। वर्तमान में वे नीलकंठ कॉलोनी, लक्कड़घाट रोड, श्यामपुर बाईपास, ऋषिकेश में निवासरत हैं।

 

साहसिक खेलों में बहुआयामी दक्षता
परिजनों की आशंकाओं के बावजूद मृदुल ने अपनी रुचि, लगन, अनुशासन और धैर्य से साहसिक खेलों में निरंतर प्रशिक्षण लिया। उन्होंने पर्यटन विभाग के सहयोग से संचालित विभिन्न एडवेंचर स्पोर्ट्स में प्रशिक्षण प्राप्त किया, जिनमें—
पैराग्लाइडिंग (टिहरी, बीर बिलिंग–हिमाचल)
माउंटेनियरिंग (NIM उत्तरकाशी, मनाली–हिमाचल)
स्कीइंग (मुनस्यारी, गुलमर्ग–J&K)
राफ्टिंग (ऋषिकेश)
शामिल हैं। इन सभी में उन्होंने ग्रेड-1 के साथ प्रमाण पत्र अर्जित किए।
इसके अतिरिक्त, मृदुल ने रैनबुकाई कराटे एकेडमी से ब्राउन बेल्ट प्राप्त की है तथा क्रिकेट में स्कूल नेशनल प्रतियोगिता और जिला देहरादून टीम से भी खेल चुके हैं।
शिक्षा, योग और भविष्य की उड़ान
वर्तमान में मृदुल ऋषिकेश में मास्टर इन योगा (फाइनल ईयर) के छात्र हैं। वे स्वर्गाश्रम, जोंक गांव स्थित एक प्रतिष्ठित योग स्कूल से प्रशिक्षण लेकर देश-विदेश के योग प्रशिक्षार्थियों को कक्षाएं भी संचालित करते हैं।
साथ ही, सोलो पैराग्लाइडिंग लाइसेंस प्राप्त करने के बाद कमर्शियल पैराग्लाइडिंग पायलट बनने की दिशा में आवश्यक मानकों को पूरा करने हेतु बीर बिलिंग (हिमाचल प्रदेश) में नियमित उड़ान भरकर 100 फ्लाइट ऑवर्स पूरे कर रहे हैं।
मृदुल पयाल के शौकों में ट्रेकिंग, फोटोग्राफी, संगीत, यात्रा, प्रकृति और जीव-प्रेम शामिल हैं।
“खेलों में छिपा है स्वास्थ्य का द्वार,
खेल नशे पर करते हैं प्रहार—
और खेलों में हैं भविष्य की संभावनाएं

Uma Shankar Kukreti