Uttarakhand

अंकिता भंडारी हत्याकांड पर सियासत तेज़ CBI जांच की मांग पर सांसद नरेश बंसल की दो टूक— बोले: सबूत होंगे तो होगी जांच, कांग्रेस पर भी कसा तंज

देहरादून में रविवार को अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर सीबीआई जांच की मांग के बीच हुए प्रदर्शन के बाद प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है।
सोमवार को राजधानी देहरादून में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने सरकार का पक्ष मजबूती से रखते हुए कहा कि राज्य सरकार किसी भी जांच से न डरती है और न ही पीछे हटती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि आवश्यकता पड़ी तो सीबीआई जांच भी कराई जाएगी, लेकिन फिलहाल एसआईटी की जांच सही दिशा में आगे बढ़ रही है।
नरेश बंसल ने परोक्ष रूप से कांग्रेस नेताओं पर तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोग राजनीतिक रूप से अप्रासंगिक हो चुके हैं और वही प्रदेश का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक बेटी के नाम पर राजनीति करना दुर्भाग्यपूर्ण और पीड़ादायक है। उल्लेखनीय है कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर कांग्रेस राज्य के अलग-अलग हिस्सों में पदयात्रा कर रही है।
सांसद नरेश बंसल की प्रेस कॉन्फ्रेंस की 5 बड़ी बातें
1️⃣ सरकार जांच से नहीं भाग रही
नरेश बंसल ने कहा कि इस केस में एसआईटी का गठन सरकार ने स्वयं किया। 24 घंटे के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी, 48 घंटे में शव की बरामदगी और डीआईजी स्तर की एसआईटी सरकार की मंशा को स्पष्ट करती है।
2️⃣ सीबीआई जांच का फैसला सबूतों पर
उन्होंने कहा कि उर्मिला सनावर और पूर्व विधायक सुरेश राठौड़ से जुड़े ऑडियो सहित सभी तथ्यों की जांच होगी। यदि ठोस सबूत सामने आते हैं, तो सरकार पीछे नहीं हटेगी।
3️⃣ अदालतें पहले ही स्थिति साफ कर चुकी हैं
सांसद ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट दोनों ने स्पष्ट किया है कि किसी बड़े नाम को बचाया नहीं जा रहा और एसआईटी निष्पक्ष जांच कर रही है। ऐसे में फिलहाल सीबीआई जांच की आवश्यकता नहीं है।
4️⃣ प्रदर्शन के नाम पर अराजकता का आरोप
रविवार के प्रदर्शन पर सवाल उठाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अराजक तत्वों ने भाजपा कार्यकर्ता के घर पर हमला किया, पोस्टर फाड़े और धमकियां दीं। उन्होंने पूछा—यह न्याय का आंदोलन है या अराजकता फैलाने की साजिश?
5️⃣ गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई का भरोसा
नरेश बंसल ने बताया कि उर्मिला राठौर के खिलाफ नॉन-बेलेबल वारंट जारी हो चुका है और सुरेश राठौड़ की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। पूछताछ में यदि कोई और दोषी पाया गया, तो उसे भी जेल भेजा जाएगा।
सांसद ने यह भी दोहराया कि अंकिता के माता-पिता की सहमति से पब्लिक प्रॉसिक्यूटर की नियुक्ति की गई है, जिससे सरकार की मंशा साफ है—किसी को बचाना नहीं, बल्कि अंकिता को न्याय दिलाना। उन्होंने अपील की कि जिनके पास ठोस सबूत हैं, वे सामने लाएं; सरकार हर स्तर की जांच के लिए तैयार है।
हरीश रावत का पलटवार
वहीं दूसरी ओर, पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने भाजपा पर तीखा हमला करते हुए कहा कि अंकिता भंडारी मामले में पहले भी वीआईपी को बचाने की कोशिश हुई थी। उन्होंने कहा—“अगर हिम्मत है, तो सच्चाई के साथ आगे आओ।”
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Uma Shankar Kukreti