हल्द्वानी के नशा मुक्ति केंद्र में युवक की मौत, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप
उत्तराखंड के हल्द्वानी में एक नशा मुक्ति केंद्र पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मुखानी थाना क्षेत्र के त्रिलोक नगर निवासी 17 वर्षीय शुभम सिंह अधिकारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद परिजनों ने केंद्र संचालकों और कर्मचारियों पर बेरहमी से मारपीट कर हत्या करने का आरोप लगाया है। युवक के सिर पर गहरी चोटों के निशान मिलने से मामला और गंभीर हो गया है।
परिवार के अनुसार, शुभम को नशे की लत से उबारने के लिए “हमारा संकल्प नशा मुक्ति समिति” में भर्ती कराया गया था। 21 अप्रैल को उसकी मां उससे मिलने पहुंचीं तो वह पूरी तरह स्वस्थ था और उसी दिन केंद्र में 15 हजार रुपये फीस भी जमा कराई गई थी। आरोप है कि इसके बाद अचानक शुभम की तबीयत बिगड़ने और हार्ट अटैक जैसी बातें बताई जाने लगीं।
परिजनों का कहना है कि 24 अप्रैल की रात केंद्र के लोग शुभम को सुशीला तिवारी अस्पताल छोड़कर फरार हो गए। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने युवक को “ब्रेन डेड” घोषित कर दिया। परिवार का दावा है कि शुभम के सिर पर गंभीर चोटें थीं और शरीर के अंदरूनी अंगों में संक्रमण मिला है।
गौरव बिष्ट ने आरोप लगाया कि केंद्र पहुंचकर जवाब मांगने पर संचालकों ने बदसलूकी की और कहा, “जो करना है कर लो, हम अपने स्तर से देख लेंगे।”
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने केंद्र संचालक और कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने “हमारा संकल्प नशा मुक्ति समिति” केंद्र को सील कर दिया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यह पहला मामला नहीं है जब नशा मुक्ति केंद्रों पर गंभीर आरोप लगे हों। सवाल यह है कि आखिर कब तक ऐसे केंद्रों की मनमानी पर सरकारी सिस्टम की चुप्पी बनी रहेगी?
