Uttarakhand

जनशिकायतों की मासिक समीक्षा अनिवार्य, लापरवाही पर होगी कार्रवाई: सीएम धामी

रूद्रपुर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीएम हेल्पलाइन-1905 की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों की हर माह अनिवार्य रूप से समीक्षा की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराने वाले लोगों से संवाद कर उनका फीडबैक भी लिया।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि उच्च शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत छात्रों की समस्याओं के निस्तारण हेतु महाविद्यालय और विश्वविद्यालय स्तर पर हेल्प डेस्क स्थापित की जाए ताकि छात्रों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित हो सके। समस्याओं के समाधान में लापरवाही करने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाए।उन्होंने अधिकारियों को कहा कि वे नियमित रूप से कार्यालय में बैठकर जनता की समस्याएं सुनें और उनका समाधान करें। कार्यालय में बैठने का समय बाहर प्रदर्शित करने के भी निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों से संबंधित शिकायतों को प्राथमिकता दी जाए और विशेष निगरानी रखी जाए।सीएम धामी ने इस प्रवृत्ति पर नाराजगी जताई कि कई विभाग “पार्शल क्लोज” दिखाकर पोर्टल पर कार्रवाई गतिमान बताते हैं, जबकि जमीनी स्तर पर समस्याएं बनी रहती हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की लापरवाही सरकार की छवि को नुकसान पहुंचाती है, जिसे तत्काल प्रभाव से रोका जाए।बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी सड़कों को शीघ्र गड्ढामुक्त बनाने तथा आपदा से क्षतिग्रस्त संपत्तियों का आकलन कर पुनर्स्थापित करने के भी निर्देश दिए।वीसी में जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा, अपर जिलाधिकारी कौस्तूभ मिश्रा, डीएफओ यू.सी. तिवारी, डीडीओ सुशील मोहन डोभाल, एमएनए नरेश दुर्गापाल, एसडीएम मनीष बिष्ट, सीएओ डॉ. अभय सक्सेना, अधीक्षण अभियंता डी.के. जोशी व अनिल पांगती, पेयजल निगम की मृदुला सिंह, एसीएमओ डॉ. एस.पी. सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

Shubham Mishra