Uttarakhand

ऊधम सिंह नगर में नाभा जेल ब्रेक कांड से जुड़ा अंतरराज्यीय हथियार सप्लायर गिरफ्तार

रुद्रपुर । एसएसपी मणिकांत मिश्रा के निर्देशन में उत्तराखण्ड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और रुद्रपुर पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय अवैध हथियार तस्करी गिरोह पर बड़ी चोट की है। देर रात काशीरपुर रोड फ्लाईओवर के पास घेराबंदी कर कुख्यात हथियार सप्लायर मौ. आसिम पुत्र शकील अहमद (32), निवासी ग्राम धनसारा, थाना बाजपुर, ऊधम सिंह नगर को गिरफ्तार किया गया। टीम को पिछले कुछ समय से बाजपुर क्षेत्र से बड़े स्तर पर हथियारों की सप्लाई की सूचनाएं मिल रही थीं, जिन पर गोपनीय निगरानी के बाद जाल बिछाया गया।

गिरफ्तार अभियुक्त की तलाशी में पुलिस और एसटीएफ को 04 अवैध ऑटोमैटिक पिस्टल व मैगजीन (32 बोर), 01 अवैध डबल बैरल बंदूक (12 बोर, इंडियन ऑर्डिनेंस), 30 कारतूस (12 बोर), 10 कारतूस (32 बोर) और तस्करी में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल बरामद हुई। बरामद असलहों के बारे में अनुमान है कि इन्हें उत्तराखंड के साथ ही पड़ोसी राज्यों में अपराधियों और गैंगस्टरों तक पहुंचाया जाना था, जिसे समय रहते विफल कर दिया गया। STF अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई प्रदेश में अवैध हथियारों की सप्लाई चेन और संगठित अपराध के नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

नाभा जेल ब्रेक कांड से कनेक्शन

पूछताछ में खुलासा हुआ कि मौ. आसिम का सीधा संबंध वर्ष 2016 में पंजाब की पटियाला जेल स्थित नाभा जेल ब्रेक की बहुचर्चित वारदात से रहा है। उस समय उसने जेल ब्रेक में शामिल कुख्यात गैंगस्टरों को सौ से अधिक कारतूस सप्लाई किए थे, जिनका इस्तेमाल हमलावरों ने फायरिंग के दौरान किया था। इस सनसनीखेज घटना में हथियारबंद हमलावरों ने पुलिस वर्दी में पहुंचकर जेल पर धावा बोला और खालिस्तानी आतंकी हरमिंदर सिंह मिंटू व कुख्यात गैंगस्टरों समेत छह हाई प्रोफाइल कैदियों को फरार करा दिया था।

नाभा जेल ब्रेक प्रकरण में नाम आने के बाद मौ. आसिम को पंजाब पुलिस ने गिरफ्तार कर पटियाला जेल भेजा था, जहां वह करीब साढ़े छह वर्ष तक न्यायिक हिरासत में निरुद्ध रहा। अधिकारियों के अनुसार, जेल से बाहर आने के बाद भी उसने अवैध हथियार और कारतूस की सप्लाई का अपना नेटवर्क पूरी तरह खत्म नहीं किया और उत्तर भारत के कई जिलों में गैंगों को असलहे उपलब्ध कराता रहा। STF का मानना है कि नाभा प्रकरण और उसके बाद बने गैंग नेटवर्क से जुड़े कई कड़ियों तक इस गिरफ्तारी के जरिये दोबारा पहुंचने की संभावनाएं खुली हैं।

गन हाउस, NIA रेड और आगे की जांच

जांच में सामने आया कि मौ. आसिम बाजपुर स्थित नक्श/नक़्श गन हाउस से भी जुड़ा रहा है, जो परिवार के नाम पर संचालित गन डीलरशिप है और यहीं से असलहे व कारतूस की सप्लाई की जानकारी मिली थी। वर्ष 2023 में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने खालिस्तानी नेटवर्क और गैंगस्टरों को हथियार सप्लाई के इनपुट के आधार पर बाजपुर में गन डीलर शकील अहमद के घर और गन हाउस पर छापेमारी की थी, जिसके दौरान आसिम और उसके भाई से भी विस्तृत पूछताछ की गई थी। सुरक्षा एजेंसियां पहले भी इस गन हाउस के जरिए गैरकानूनी तरीके से कारतूस और हथियार की सप्लाई की आशंका पर नजर रखती रही हैं।वर्तमान में STF द्वारा आरोपी मौ. आसिम से कोतवाली स्तर पर गहन पूछताछ की जा रही है, ताकि उसके इंटरस्टेट नेटवर्क, ग्राहकों और सहयोगियों की पहचान की जा सके। पुलिस यह भी खंगाल रही है कि बरामद हथियार किन अपराधों में उपयोग हो सकते थे और क्या इनका संबंध किसी सक्रिय गैंग व चुनावी या संगठित अपराध की साजिश से जुड़ा था। अधिकारियों का कहना है कि बरामदगी के आधार पर शस्त्र अधिनियम समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई तेज कर दी गई है और संबंधित एजेंसियों को भी सूचना साझा की जा रही है।

अधिकारियों व टीमों की भूमिका

सूत्रों के मुताबिक, ऑपरेशन की रूपरेखा ऊधम सिंह नगर के SSP के स्तर पर तैयार की गई, जबकि उत्तराखण्ड STF की कुमाऊं यूनिट ने फील्ड स्तर पर निगरानी और जाल बिछाने का कार्य किया। ऑपरेशन में STF के अधिकारी निरीक्षक स्तर से लेकर हेड कॉन्स्टेबल व आरक्षी तक की टीम ने गोपनीय सूचना तंत्र और रेकी के जरिये अभियुक्त की गतिविधियों पर नजर रखी। रुद्रपुर कोतवाली पुलिस की टीम ने भी मौके पर सक्रिय भूमिका निभाते हुए फ्लाईओवर के पास बैरिकेडिंग, वाहनों की चेकिंग और घेराबंदी का मोर्चा संभाला।एसटीएफ और जिला पुलिस का दावा है कि यदि यह खेप बाजार तक पहुंच जाती तो अवैध हथियारों का बड़ा जखीरा आपराधिक गिरोहों के हाथ लग जाता, जिससे प्रदेश में गंभीर अपराधों की आशंका बढ़ सकती थी। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि अवैध हथियारों की तस्करी या संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत नजदीकी थाने या STF को दें, ताकि ऐसी आपराधिक साजिशों को शुरुआती स्तर पर ही नाकाम किया जा सके।

Shubham Mishra