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पटना हॉस्टल कांड: NEET छात्रा की संदिग्ध मौत ने खोली हॉस्टलों की काली सच्चाई

पटना हॉस्टल कांड: NEET छात्रा की संदिग्ध मौत ने खोली हॉस्टलों की काली सच्चाई

पढ़ाई का मंदिर या अय्याशी का अड्डा? पटना हॉस्टल में NEET छात्रा की रहस्यमयी मौत

पटना दहल उठा: NEET छात्रा की मौत, हॉस्टल संचालक फरार, बड़े रैकेट की आशंका

हॉस्टल की छत पर हैवानियत! NEET छात्रा की मौत से उजागर हुआ खौफनाक सच

बेटियां खतरे में: पटना के अवैध हॉस्टलों की पोल खोलती NEET छात्रा की मौत

शंभू हॉस्टल कांड: NEET छात्रा की मौत और फरार संचालकों का रहस्य

पटना हॉस्टल सेक्स रैकेट का शक: NEET छात्रा की मौत से मचा हड़कंप

कदमकुआं स्थित शंभू हॉस्टल में रह रही छात्रा की मौत के बाद पुलिस जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। जिस जगह को अभिभावक “पढ़ाई का सुरक्षित ठिकाना” समझकर अपनी बेटियों को भेजते थे, वहां कथित तौर पर अनैतिक गतिविधियां चलने के आरोप लग रहे हैं।
छत पर रहने वाला मकान मालिक और गंभीर आरोप
जांच के दौरान हॉस्टल के मकान मालिक मनीष रंजन की गिरफ्तारी हुई। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक उसका आपराधिक इतिहास रहा है।
इस बीच पप्पू यादव ने बड़ा बयान देते हुए आरोप लगाया है कि हॉस्टल की आड़ में एक संगठित सेक्स रैकेट चलाया जा रहा था और रसूखदार लोगों तक लड़कियों की सप्लाई होती थी।
⚠️ ये सभी बातें फिलहाल आरोप और जांच का विषय हैं, जिनकी पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही होगी।
सबसे बड़ा सवाल यही है—
एक आपराधिक पृष्ठभूमि वाला व्यक्ति लड़कियों के हॉस्टल से कैसे जुड़ा रहा और प्रशासन की नजरें इतने समय तक क्यों नहीं पड़ीं?
फरार संचालिका और बेटों की पहेली
छात्रा की मौत के बाद से:
हॉस्टल संचालिका नीलम अग्रवाल
पति शंभू अग्रवाल
उनके दोनों बेटे
सभी फरार बताए जा रहे हैं। 13 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस उन्हें पकड़ नहीं पाई है।
हॉस्टल की अन्य छात्राओं का कहना है कि घटना वाले दिन केयरटेकर नीतू ही छात्रा को अस्पताल ले गई थी, इसके बाद हॉस्टल में सन्नाटा पसर गया और डर के कारण बाकी लड़कियों ने हॉस्टल खाली कर दिया।
मोबाइल लोकेशन से नया शक
एक और गंभीर तथ्य यह सामने आया है कि 5 जनवरी को जब छात्रा जहानाबाद से पटना आ रही थी, उसी दौरान आरोपी मनीष रंजन की मोबाइल लोकेशन भी उसी रूट पर मिली।
अब पुलिस यह जांच कर रही है कि:
क्या यह महज संयोग था?
या छात्रा का पीछा किया जा रहा था?
“पटना के हॉस्टलों में बेटियां सुरक्षित नहीं?”
इस घटना ने पटना में चल रहे सैकड़ों अवैध और बिना रजिस्ट्रेशन वाले हॉस्टलों की पोल खोल दी है।
तीन साल से एक हॉस्टल में रह चुकी छात्रा बताती है:
आज तक किसी सरकारी एजेंसी ने जांच नहीं की
न कोई सुरक्षा मानक
न शिकायत सुनने वाला कोई जिम्मेदार अधिकारी
आस-पास मनचलों की फब्तियों से लेकर असुरक्षा तक, सब कुछ “नॉर्मल” मान लिया गया।
🔴 बड़ा सवाल
क्या पढ़ाई के नाम पर चल रहे ये हॉस्टल बेटियों के लिए सुरक्षित हैं या धीरे-धीरे एक बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं?
अब निगाहें पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और इस बात पर टिकी हैं कि क्या इस मामले से सबक लेकर पूरे शहर में हॉस्टलों की सख्त जांच होगी—या यह मामला भी वक्त के साथ फाइलों में दब जाएगा।
अगर चाहो तो मैं इसे न्यूज़ रिपोर्ट, सोशल मीडिया पोस्ट, या प्रशासन को भेजे जाने वाले ज्ञापन के रूप में भी सलीके से तैयार कर दूँ।

Uma Shankar Kukreti