एनएसडी के ‘भारंगम’ में गढ़वाल विश्वविद्यालय के छात्रों का दमदार मंचन, पहली बार मिला आमंत्रण
देश की सर्वोच्च नाट्य संस्था राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एन.एस.डी.), नई दिल्ली द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित राष्ट्रीय नाट्य समारोह ‘भारंगम’ में पहली बार नाट्य मंचन के लिए लोक कला संस्कृति केंद्र, गढ़वाल विश्वविद्यालय को आमंत्रित किया गया। इस अवसर पर एम.ए. रंगमंच एवं डिप्लोमा के विद्यार्थियों ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति से दर्शकों का मन मोह लिया। चार दिवसीय यह नाट्य समारोह देहरादून के हिमालयन कल्चरल सेंटर के प्रेक्षागृह में आयोजित किया जा रहा है।
गिरीश कर्नाड द्वारा लिखित प्रसिद्ध नाटक ‘तुग़लक़’ का निर्देशन राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय से प्रशिक्षित महेंद्र कुमार ने किया। नाटक में मुहम्मद बिन तुग़लक़ के 26 वर्षों के शासनकाल को दर्शाया गया, जो एक ओर रोचक और दूरदर्शी था, तो दूसरी ओर कई गलत योजनाओं और निर्णयों के कारण दुखद भी साबित हुआ। तुग़लक़ एक बुद्धिमान और समय से आगे की सोच रखने वाला शासक था, जिसने कई नई योजनाएँ बनाई, लेकिन उन्हें सही तरीके से लागू न कर पाने के कारण वे असफल रहीं। उसकी कठोर और तेज़ फैसलों ने राजा और जनता के बीच दूरी बढ़ा दी, जिससे अंततः भ्रम, असंतोष और विरोध की स्थिति पैदा हो गई। यही उसकी सबसे बड़ी कमजोरी बनकर उसके शासन की असफलता का कारण बनी।
नाटक में शिवम, मेघा, सोमिल, शिवम यादव, कार्तिकेय खट्टर, विकेश बाजपेई, गौरव नेगी, ईशान अली, आदित्य कुमार, अर्जुन राणा, प्रशांत थप्लियाल, अरविंद टमटा सहित रंगमंच के अन्य छात्रों ने प्रभावशाली अभिनय किया।
कार्यक्रम का उद्घाटन दून विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. सुरेखा डंगवाल ने मुख्य अतिथि के रूप में किया। विशिष्ट अतिथियों में ‘गढ़ रत्न’ नरेंद्र सिंह नेगी, भारतीय रिजर्व बैंक के उपमहाप्रबंधक शैलेंद्र शर्मा, आरआईएमसी के कमांडेंट कर्नल राहुल अग्रवाल तथा सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर पायल बोर्बोरा शामिल रहे।
