Uttarakhand

मुख्यमंत्री धामी ने किया उत्तराखंड के पहले साथी केंद्र का शुभारंभ

खटीमा । उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को खटीमा स्थित हेमवती नंदन बहुगुणा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में राज्य के पहले साथी केंद्र का शुभारंभ किया। यह केंद्र उच्च शिक्षा विभाग उत्तराखंड एवं आईआईटी कानपुर के संयुक्त प्रयास से स्थापित किया गया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने इसे राज्य आंदोलनकारियों को समर्पित करते हुए कहा कि यह पहल प्रदेश के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक बड़ा कदम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खटीमा गोलीकांड की 31वीं बरसी के अवसर पर इस केंद्र का शुभारंभ होना उनके लिए अत्यंत भावुक क्षण है। उन्होंने आंदोलनकारियों के बलिदान को नमन करते हुए कहा कि यह केंद्र उनकी स्मृति को समर्पित रहेगा। श्री धामी ने खटीमा वासियों की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के साथ ही आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रोफेसर मनिंदर अग्रवाल और उनकी टीम का आभार जताया।मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी देश की सामाजिक और आर्थिक प्रगति उसकी शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता पर आधारित होती है। इसी उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2020 में नई शिक्षा नीति लागू की, जिसने देश में शिक्षा को रोजगारपरक और व्यवहारिक बनाने की दिशा में नई राह दिखाई। उन्होंने बताया कि इसी कड़ी में वर्ष 2023 में साथी प्रोजेक्ट शुरू किया गया, जिसके अंतर्गत आईआईटी और आईआईएससी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के प्राध्यापक ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इस पहल से अब तक 15 लाख से अधिक विद्यार्थी लाभान्वित हो चुके हैं, जबकि उत्तराखंड में लगभग 29 हजार छात्रों ने इस प्लेटफॉर्म से मार्गदर्शन प्राप्त किया है। पिछले वर्ष ही राज्य के 500 से अधिक विद्यार्थियों ने साथी प्रोजेक्ट की सहायता से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल की। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि खटीमा में स्थापित यह पहला साथी केंद्र 80 छात्रों को ऑफलाइन कोचिंग और मेंटरिंग की सुविधा प्रदान करेगा, जिससे स्थानीय छात्रों को बड़े शहरों में जाकर महंगी कोचिंग लेने की आवश्यकता नहीं रहेगी।श्री धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर सुधार कर रही है। विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और बिग डेटा जैसे कोर्सेज शुरू किए जा रहे हैं। इसके साथ ही साइंस सिटी, एस्ट्रो पार्क जैसी परियोजनाओं के माध्यम से वैज्ञानिक अनुसंधान को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। राज्य में स्टार्टअप्स को बढ़ावा देकर ऐसा माहौल तैयार किया जा रहा है, जहाँ युवा नौकरी पाने के बजाय नौकरी देने वाले बनें।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में नौ नए महाविद्यालयों की स्थापना की जा रही है। साथ ही, मुख्यमंत्री शोध प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत शिक्षकों को 18 लाख रुपये तक का शोध अनुदान और उत्कृष्ट शोध पत्र प्रकाशन पर प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि संघ लोक सेवा आयोग, एनडीए, सीडीएस जैसी परीक्षाओं का लिखित भाग सफलतापूर्वक पास करने वाले अभ्यर्थियों को साक्षात्कार की तैयारी हेतु 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है।श्री धामी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि अब प्रदेश में नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर पूरी तरह से रोक लग चुकी है। इसी का परिणाम है कि साढ़े तीन वर्षों में 24 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है।

मुख्यमंत्री ने उपस्थित छात्र-छात्राओं से आह्वान किया कि वे इस साथी केंद्र का अधिकतम लाभ उठाएँ और इसे अपने भविष्य निर्माण का सच्चा साथी बनाएं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह केंद्र प्रदेश की नई पीढ़ी को सशक्त बनाने के साथ ही उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगा।इस अवसर पर उच्च शिक्षा एवं स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत, सांसद अजय भट्ट, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद जोशी, दर्जा राज्यमंत्री अनिल कपूर डब्बू, फरजाना बेगम, नंदन सिंह खड़ायत, जीवन सिंह धामी, सचिव उच्च शिक्षा डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा, उपाध्यक्ष जिला विकास प्राधिकरण जय किशन, डीएफओ हिमांशु बागरी, एडीएम पंकज उपाध्याय, निदेशक उच्च शिक्षा डॉ. बी. एन. खाली, आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. मनिंदर अग्रवाल, कॉलेज प्राचार्य डॉ. पंकज कुमार सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

 

 

Shubham Mishra

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