राज्य मंत्री ऋषि कण्डवाल ने दो दिवसीय भ्रमण में सुनी ग्रामीणों की समस्याएँ, सिंचाई–पेयजल परियोजनाओं को दी गति
यमकेश्वर (डांडामण्डल), 13–14 नवम्बर 2025।
उत्तराखण्ड के सिंचाई सलाहकार बोर्ड के उपाध्यक्ष एवं राज्य मंत्री (धर्मार्थ) ऋषि कण्डवाल ने दो दिवसीय भ्रमण के दौरान यमकेश्वर विधानसभा के किमसार, नौगाँव, गंगा भोगपुर, ताछला अमोला, धारकोट, दिवोगी और तालघाटी क्षेत्रों में ग्रामीणों से मुलाकात कर सिंचाई एवं पेयजल से जुड़ी समस्याओं का स्थलीय निरीक्षण किया।

राज्य मंत्री ने कहा कि वे पूरे प्रदेश में जाकर स्थानीय निवासियों की समस्याएँ सुन रहे हैं ताकि लोगों को देहरादून आने की आवश्यकता न पड़े। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर समस्या के समाधान का मसौदा तैयार कर शीघ्र शासन को भेजा जाए।
गंगा भोगपुर में नहर सुदृढ़ीकरण और तटबंध निर्माण को मिली गति
गंगा भोगपुर तल्ला–मल्ला में ग्रामीणों ने नहर के जीर्ण-शीर्ण होने और तटबंध निर्माण की मांग रखी। ग्राम प्रधान बबीता नेगी की मांग पर सिंचाई विभाग ने बताया कि डीपीआर तैयार की जा रही है।
राज्य मंत्री ने नहर सुदृढ़ीकरण शीघ्र कराए जाने के निर्देश मौके पर ही दिए।

किमसार–नौगाँव में पेयजल संकट और सोलर पंपिंग के प्रस्ताव
किमसार ग्राम सभा में ग्रामीणों ने “हर घर जल—हर घर नल” योजना की धीमी प्रगति का मुद्दा उठाया।
राज्य मंत्री ने विभागीय अधिकारी को दूरभाष पर तत्काल पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
किमसार और धारकोट में सिंचाई हेतु सोलर पंपिंग योजना लागू करने हेतु प्रस्ताव सिंचाई विभाग को सौंपे गए। धारकोट में ग्राम प्रधान हेमा बिष्ट ने उपलब्ध जल स्रोत से सिंचाई जल उपलब्ध कराने की मांग रखी, जिस पर मंत्री ने निरीक्षण एवं कार्रवाई के निर्देश दिए।

ताछला–अमोला क्षेत्र में पानी लिफ्टिंग और टैंक निर्माण की मांग
ताछला अमोला में प्रधान सोहनलाल अमोली की अगुवाई में ग्रामीणों ने रवासण (सतेड़ी) नदी से सोलर पंपिंग द्वारा खाळातण, फटीला और डिण्ड तोक तक पानी उपलब्ध कराने तथा ताछला तक लिफ्टिंग कर टैंक निर्माण की मांग रखी।
मंत्री ने इसे गंभीरता से लेते हुए प्रस्ताव तैयार करने को कहा।

तालघाटी में प्रस्तावित झील का निरीक्षण—DPR बढ़ाकर 34 करोड़ करने के निर्देश
14 नवम्बर को तालघाटी निरीक्षण के दौरान मंत्री ने कण्डरह गाँव की सुरक्षा दीवार निर्माण को शीघ्र शुरू करने को कहा।
तालघाटी झील परियोजना का भौतिक निरीक्षण करते हुए उन्होंने कहा—
- पूर्ववर्ती DPR की राशि 14 करोड़ से बढ़ाकर 34 करोड़ की जाए
- सौंन्द्रीकरण व सुरक्षा दीवार भी शामिल की जाए
- 15 दिनों के भीतर नई DPR शासन को उपलब्ध कराई जाए
पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष महावीर प्रसाद कुकरेती ने कहा कि “यह झील बनना मेरे जीवन की बड़ी उपलब्धि होगी। अब लगता है सही समय आ गया है।”

क्षेत्र में सुरक्षा दीवारों की व्यापक मांग
तालबौदनी स्कूल, तालेश्वर महादेव, तिमली अकरा, घोरगड्डी, संसुपरी, बड़वाल तोक, विंध्यवासिनी व बेलवाला तोक में आपदा से हुए कटाव के कारण सुरक्षा दीवार निर्माण की मांग ग्रामीणों ने रखी।
मंत्री ने कहा कि सभी स्थानों का आकलन कर प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।
बीन नदी पुल और ऑलवेदर रोड पर भी बोले मंत्री
राज्य मंत्री ने कहा कि—
- बीन नदी पुल बनकर तैयार होने जा रहा है, जो क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
- विंध्यवासिनी तक ऑलवेदर रोड की मांग पर भी कार्यवाही जारी है।
उन्होंने आश्वस्त किया कि तालघाटी झील क्षेत्र का विकास पर्यटन के लिए वरदान बनेगा।

अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की व्यापक उपस्थिति
इस दौरान सिंचाई विभाग से अधिशासी अभियंता अनिल राठौर, अपर सहायक अभियंता विकास बड़थ्वाल, कौशीद अली, जिले सिंह, महावीर सिंह सहित विभागीय टीम मौजूद रही।
भाजपा के वरिष्ठ नेता महावीर प्रसाद कुकरेती, जिला पंचायत सदस्य बचन बिष्ट, मंडल अध्यक्ष अनिल रावत, आरएसएस जिला प्रचारक मनोज अमोली, विभिन्न ग्राम प्रधान व बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
