सेवानिवृत्त शिक्षक होंगे नगर निगम के ब्राण्ड अंबेसडरः महापौर
- नगर निगम में महापौर ने सेवानिवृत्त शिक्षकों को किया सम्मानित
रुद्रपुर। नगर निगम रुद्रपुर ने शिक्षक दिवस एवं साक्षरता दिवस के पावन अवसर पर एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए शहर के सेवानिवृत्त शिक्षकों को सम्मानित किया और उन्हें नगर निगम का ब्रांड अंबेसडर घोषित किया। महापौर विकास शर्मा की पहल पर आयोजित भव्य सम्मान समारोह ‘हमारे शिक्षक, हमारा अभिमान’ में नगर निगम सभागार कृतज्ञता और गौरव की भावना से ओत-प्रोत रहा। इस अवसर पर महापौर ने शिक्षकों का सम्मान करते हुए कहा कि गुरुओं के अनुभव और मार्गदर्शन को नगर के विकास की योजनाओं में शामिल किया जायेगा, जिससे रुद्रपुर को प्रदेश का मॉडल शहर बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकें।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। महापौर ने दर्जनों शिक्षकों को शॉल, स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। अपने भावुक संबोधन में उन्होंने कहा कि जीवन में जो भी उपलब्धियां मिली हैं, उनमें उनके गुरुओं का मार्गदर्शन सर्वोपरि रहा है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि नगर निगम अब केवल सड़कों और नालियों तक सीमित संस्थान नहीं रहेगा, बल्कि यह शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, स्वच्छता और शहरी सौंदर्यीकरण जैसे बहुआयामी कार्यों में अग्रसर होगा।
महापौर ने बताया कि पिछले सात माह में नगर निगम की कार्यशैली में व्यापक बदलाव आया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में शहरवासियों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कई योजनाएं फलीभूत हुई हैं। नगर निगम ने नागरिकों की सुविधा के लिए दो जोनल कार्यालय स्थापित किए हैं और जल्द ही सिंह कॉलोनी व ट्रांजिट कैंप में भी नए कार्यालय शुरू होंगे। इससे लोगों को छोटी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार मुख्यालय नहीं जाना पड़ेगा।
स्वच्छता के क्षेत्र में नगर निगम ने उल्लेखनीय सुधार किया है। वर्षों से जमा कचरे के पहाड़ को हटाकर शहर का चेहरा बदला गया है। पहले रुद्रपुर नगर निगम स्वच्छता रैंकिंग में 417वें स्थान पर था, जो अब सुधरकर 69वें पायदान पर पहुंच गया है। घर-घर कूड़ा उठाने की व्यवस्था को और सुचारु बनाने के लिए जल्द ही 25 नए वाहन शामिल किए जाएंगे।महिलाओं को भी नगर निगम की विकास यात्रा का सहभागी बनाया गया है। महिलाओं के लिए विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित हैं और उन्हें स्वच्छता, पार्कों के रख-रखाव सहित कई कार्यों में जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। आने वाले दिनों में महिलाओं के लिए बहुआयामी निःशुल्क प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना भी प्रस्तावित है, जहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु मार्गदर्शन उपलब्ध होगा।
शहर के सौंदर्यीकरण पर चर्चा करते हुए महापौर ने बताया कि गांधी पार्क का कायाकल्प 5.50 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। इसके अलावा ट्रांजिट कैंप में रजत जयंती पार्क भी तैयार होने जा रहा है। यातायात को आधुनिक स्वरूप देने के लिए इंदौर की तर्ज पर स्मार्ट ट्रैफिकिंग सिस्टम को लागू करने की योजना प्रगति पर है। वहीं हर वार्ड में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने के प्रयास भी नगर निगम की प्राथमिकताओं में शामिल होंगे, जिससे जल संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके।महापौर ने कहा कि रुद्रपुर को मॉडल शहर बनाने के लिए समाज के प्रबुद्धजनों का सहयोग अनिवार्य है। इसी भावना के साथ उन्होंने यह घोषणा की कि नगर के सभी सेवानिवृत्त शिक्षक नगर निगम के ब्रांड अंबेसडर होंगे। उनके अनुभवों और सुझावों को योजनाओं में शामिल किया जाएगा। नगर निगम परामर्श समितियां गठित करेगा, जिनमें शिक्षकों को शामिल किया जाएगा ताकि विकास कार्य ठोस दिशा प्राप्त कर सकें।
इस अवसर पर सम्मानित शिक्षकों ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त शिक्षकों का इस प्रकार सम्मान पहली बार इतने भव्य स्तर पर हुआ है। महापौर के अल्प कार्यकाल में किए गए कार्यों की उन्होंने सराहना करते हुए आश्वस्त किया कि वे नगर प्रशासन के हर प्रयास में सहयोग करेंगे। शिक्षकों ने कहा कि नगर निगम और प्रबुद्ध वर्ग की यह साझेदारी शहर को आदर्श बनाएगी और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी।कार्यक्रम में नगर निगम स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पियूष रंजन, पार्षद राजेश जग्गा सहित सेवानिवृत्त शिक्षक राजबहादुर शर्मा, के.बी. सिंह, देवेंद्र त्यागी, हेमा पंत, वद्दोहा मलिक, चंद्र सिंह रावत, प्रेम सिंह, रामप्रकाश शर्मा समेत कई गणमान्य मौजूद रहे। इसके अतिरिक्त सत्यप्रकाश यादव, शकुंतला, सुभद्रारानी, शिवेंद्रनाथ, हरि सिंह, भारती जोशी, रघुराज सिंह रावत, युगराज रघुवंशी, पूरन चंद्र जोशी, मीना गुप्ता, कैलाश पांडे, अनूप सिंह, आशा अरोड़ा सहित सैकड़ों नागरिक कार्यक्रम के साक्षी बने।
